संचार क्रांति के दौर में अब ग्रामीण क्षेत्र के युवा
भी नगरीय क्षेत्रों के युवाओं की बराबरी करने की ओर बढ़ चले हैं। सेल्फी
और सर्च इंजन, वेबसाइट, सोशल मैसेजिंग के बारे में जब नदियों से घिरे
क्षेत्रों के युवा न केवल बात करने लगे, बल्कि आनलाइन जानकारियां लेने लगे
तो बात दूर तक पहुंचने लगती है।
जिले के भी तमाम ग्रामीण क्षेत्रों के
युवा अब संचार माध्यमोें से नए भारत के करवट लेने का संकेत देने लगे हैं।
साधारण बेसिक मोबाइल फोन रखने की बजाय गांव के युवाओं के हाथों में भी अब
एंड्राइड आपरेटिंग सिस्टम के मोबाइल फोन हैं।
गांवों के इन युवाओं में
ज्यादातर युवा वे हैं, जिन्होंने गांवों में ही हाईस्कूल या इंटरमीडिएट की
शिक्षा ग्रहण की और उसके बाद रोजगार के लिए कोई छोटी मोटी दुकान खोल ली।
इसके साथ ही गांवों के वे युवा भी बदलते संचार माध्यमों के साथी बन रहे जो
उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे है या फिर भी नौकरी पेशा में आ चुके हैं।
यही
कारण है कि सोशल मीडिया में चलने वाली चर्चाएं न के वल इन युवाओं के माध्यम
से गांवों तक पहुंच रही, बल्कि वे भी अपने शहरी साथियों एवं नातेदारों से
गांव गलियों की बातें साझा कर रहे हैं।