हरदोई। जिले में गंगा और गर्रा नदियों का जलस्तर शुक्रवार को बढ़ गया। गंगा नदी राजघाट पर चेतावनी बिंदु से 55 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। इससे कटरी और कटियारी क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बलवती हो गया है। पहाड़ों पर लगातार हो रही बरसात और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण नदियों में उतार-चढ़ाव जारी है।
शुक्रवार को नरौरा बैराज से गंगा नदी में 1,11,969 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह पानी रविवार तक हरदोई जिले में पहुंचने की उम्मीद है। राजघाट पर गंगा का जलस्तर 125.78 मीटर गेज दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी बिंदु 124.31 मीटर है। फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर गंगा का पानी पांच सेंटीमीटर कम हुआ। हालांकि, यह अभी भी चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 35 सेंटीमीटर ऊपर 136.95 मीटर गेज पर बना हुआ है। शाहजहांपुर के मुमोक्ष आश्रम घाट पर गर्रा नदी का पानी 15 सेंटीमीटर बढ़कर 143.80 मीटर गेज पर पहुंच गया। वहीं, रामगंगा नदी का जलस्तर नौ सेंटीमीटर घटकर 134.71 मीटर गेज पर आ गया है।
कटियारी क्षेत्र में गंगा नदी और रामगंगा नदी का पानी एक हो गया
कटियारी क्षेत्र में तेरा पुरसौली गांव के पास गंगा और रामगंगा नदियों का पानी एक हो गया है। दोनों नदियों के मिलने से सहायक नदियों और बरसाती नालों में भी पानी उफान पर है। इससे कटरी और कटियारी क्षेत्र के निचले हिस्सों में बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। चंद्रमपुर के पास रामगंगा नदी खेतों की तरफ कटान कर रही है, जिससे किसान चिंतित हैं। निकामदपुर गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है। जीवनपुरवा से चियासर खड़ंजा संपर्क मार्ग पर भी पानी भर गया है, जिससे आवागमन प्रभावित है।
बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है
बिलग्राम के उपजिलाधिकारी एन राम ने बताया कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों से जानकारी ली जा रही है। प्रशासन ने बाढ़ से बचाव और राहत के सभी आवश्यक इंतजाम पूरे कर लिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक किसी भी व्यक्ति को विस्थापित करने जैसी स्थिति नहीं बनी है।