हरदोई। 11 वर्ष पहले किशोरी को बहलाकर ले जाने व शादी के लिए मजबूर करने के मामले में अपर जिला जज (एफटीसी महिला) सुनील कुमार सिंह ने एक शख्स को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष की सजा सुनाई। इसके साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इससे पहले इसी मामले में पांच सहअभियुक्तों को चार-चार वर्ष की सजा हो चुकी है।
बघौली कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने तहरीर दी थी, इसमें बताया था कि इलाहाबाद जनपद के करछना कोतवाली क्षेत्र के पिपरावां गांव निवासी कुलदीप उसके गांव में दृगपाल के यहां आता-जाता था। 12 अप्रैल 2013 की शाम करीब सात बजे कुलदीप 16 वर्षीय बहन को बहलाकर अपने साथ कहीं ले गया। गांव की ही विमला पत्नी दृगपाल, मून सिंह, संजय सिंह, भानू सिंह ने किशोरी को ले जाने में कुलदीप की मदद की थी। पुलिस ने पांचों के खिलाफ किशोरी के अपहरण व विवाह के लिए मजबूर करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना के बाद पुलिस ने कुलदीप के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने घटना के संबंध में तर्क और साक्ष्य देते हुए सजा की पैरवी की। बचाव पक्ष के वकील ने बचाव में तर्क दिए। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद अपर जिला जज ने सजा सुनाई। इसी मामले में पुलिस ने विवेचना के दौरान अन्य आरोपियों के नाम आरोप पत्र से निकाल दिए थे। अभियोजन पक्ष ने पैरवी की और आरोपियों को तलब करने के लिए प्रार्थना पत्र न्यायालय में दिया था।
न्यायालय ने बिट्टा पत्नी भानू सिंह, मून सिंह, भानू सिंह, अड्डू सिंह, संजय सिंह को तीन नवंबर 2015 को न्यायालय में तलब किया। इसके बाद चारों को 11 जुलाई 2024 को चार-चार वर्ष की सजा सुनाई थी। 11 जुलाई को मुख्य अभियुक्त कुलदीप गैरहाजिर रहा था, इस पर वारंट जारी हुआ था।