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कहानियों व वीर गाथाओं के बीच पांच लाख बच्चे जिएंगे अनोखा बचपन

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फोटो-14-जिले में काशीराम कालोनी स्थित स्कूल में पहुंचीं पुस्तकों के बंडल बनवाते जिला समन्वयक प्रश - फोटो : HARDOI
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हरदोई। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों में पढ़ाई की दिलचस्पी पैदा करने के लिए उन्हें कहानी की किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। कहानियों के जरिये बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक तो किया ही जाएगा, साथ ही योग का महत्व बताते हुए सेहत के प्रति सचेत रहना भी सिखाया जाएगा।
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इसके अलावा उन्हें देश के अमर शहीदों की वीर गाथाओं से भी रूबरू कराया जाएगा। इसके लिए जिले के प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में 40-40 पुस्तकों को तीन-तीन सेट भेजे जाएंगे। इस तरह हर विद्यालय को 120 पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। ये किताबें विद्यालयों के पुस्तकालय में रखी जाएंगी।
शासन ने परिषदीय विद्यालयों के पुस्तकालयों को व्यवस्थित करने हर विद्यालय को पुस्तकें उपलब्ध करा रहा है। इन पुस्तकों में बिल्ली एवं बिल्ला, तोता मैना, फूली रोटी जैसी बच्चों को सीख देने वाली कहानियों की किताबें हैं। इसके अलावा वीरगाथाओं का बोध कराने वाली पुस्तकें भी शामिल हैं।
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बीएसए हेमंत राव ने बताया कि शासन स्तर से पुस्तकालयों को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए थे, इसीलिए परिषदीय विद्यालयों को पुस्तकें भेजीं गईं है। प्राथमिक विद्यालयों को 120 पुस्तकें, जूनियर विद्यालयों को 120 एवं कंपोजिट विद्यालयों को 198 पुस्तकें भेजी जानी हैं। बताया कि पुस्तकें आ गई हैं। इन्हें कांशीराम कालोनी स्थित विद्यालय में रखवाया गया है।
यहां से ब्लाकवार पुस्तकों के बंडल तैयार करवाए जा रहे हैं। इसके बाद ब्लाकों पर फिर विद्यालयों को पुस्तकें भेजी जाएंगी। कहा कि पुस्तकों के पहुंचने के बाद बच्चे खेल-खेल में पूर्ण उत्साह से कहानियों को पढ़कर सीखेंगे। वीर गाथाओं को पढ़कर बच्चे इतिहास से परिचित होंगे।
प्रत्येक विद्यालय को मिलेंगे तीन सेट
जिला समन्वयक प्रशिक्षण राकेश कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रत्येक परिषदीय विद्यालय को पुस्तकों के तीन-तीन सेट भेजे जा रहे हैं। एक सेट में 40 किताबें हैं। इस तरह हर विद्यालय को 120 पुस्तकें मिलेंगी। कांशीराम कालोनी में पुस्तकों के बंडल बनाए जा रहे हैं। एआरपी अभय यादव, एआरपी रजनीश देवल, एआरपी ज्ञानेंद्र कुमार भी इसमें सहयोग कर रहे हैं।
प्राइमरी विद्यालयों को मिलेंगी ये किताबें
एआरपी अभय यादव ने बताया कि प्राइमरी विद्यालयों के पुस्तकालयों के लिए ए गजरा फॉर अम्मा, ऐसे जमा रेल का खेल, अम्मा हम भी साथ चलें, अंडे ही अंडे, बबली का बाजा, बहादुर दोस्त, बेस्ट आफ आल, भारी कौन, भुट्टा, कैच मी सहित कई पुस्तकें शामिल हैं।
उच्च प्राथमिक को मिलेंगी किताबें
उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए चंदू चाट, कैच मी, फूड प्वायजनिंग, हैलो रैन, कहो कहानी, कमाल का है मामू, क्यों, लोनली गोल्डी, मौसम का जादू सहित कई पुस्तकें शामिल हैं।

फोटो-15-यह पुस्तकें बनेंगीं प्राइमरी, जूनियर, कंपोजिट स्कूलों के पुस्तकालयों की शोभा। संवाद- फोटो : HARDOI

फोटो-16-जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव। संवाद- फोटो : HARDOI

फोटो-17-अकेडमिक रिसोर्स पर्सन एआरपी अभय यादव। संवाद- फोटो : HARDOI

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