जिले के विकास कार्यों की रूपरेखा गुरुवार को जिला
योजना समिति की बैठक में प्रभारी मंत्री की उपस्थित में तैयार की गई। जिले
के 39 विभागों की योजनाओं से लोगों को लाभान्वित करने को पांच अरब 47 करोड़
94 लाख रुपये की जिला योजना पर चर्चा की गई।
प्रभारी मंत्री ने विभागावार
बजट पर चर्चा करने के बाद शासन से स्वीकृति को जिला योजना को अनुमोदित किया
है। जिला योजना में अबकी कृषि और पशुपालन विभाग पर अधिक जोर दिया गया। जिले
की ग्राम, क्षेत्र पंचायत और नगर निकाय में विकास कार्य को तैयार की गई
योजना को प्रभारी मंत्री ने भी अनुमोदन दे दिया।
व्यावसायिक शिक्षा एवं
कौशल विकास राज्यमंत्री प्रो. अभिषेक मिश्र ने जिले में आकर विकास भवन में
547.94 करोड़ की जिला योजना के प्रस्तावों पर विभागावार चर्चा की। शासन के
निर्देश पर जिला योजना में कृषि विभाग और पशु पालन विभाग को गत वर्षों से
अधिक बजट का प्रस्ताव दिया गया, जिस पर प्रभारी मंत्री ने चर्चा करने के
साथ ही सरकार द्वारा किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों के बारे में
बताया।
उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए प्रस्तावों पर
प्राथमिकता से कार्य कराया जाए और इसकी सूचना भी उन्हें दी जाए। प्रभारी
मंत्री ने प्रस्तावित बजट को शासन से स्वीकृति के लिए अनुमोदित कर दिया। डीएम
रमेश मिश्र ने जिला स्तरीय अफसरों को प्रभारी मंत्री द्वारा दिए गए
निर्देशों का पालन करने का आदेश दिया।
सीडीओ विजय गुप्ता ने बजट की डिमांड
के लिए शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए। बैठक में मत्स्य निगम अध्यक्ष
डा. राज्यपाल कश्यप, सांसद अंशुल वर्मा, एमएलसी अशोक बाजपेयी, विधायक अनिल
वर्मा, श्याम प्रकाश, बाबू खां, पूर्व पालिकाध्यक्ष उमेश अग्रवाल,
जिलाध्यक्ष शराफत अली, पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश यादव, फखरूल इस्लाम फक्कन,
पुलिस अधीक्षक उमेश सिंह, डीडीओ उग्रसेन यादव आदि मौजूद थे।
उधर, बैठक
में सांसद अंशुल वर्मा ने दहर झील में पानी लाने का मुद्दा उठाया गया, जिस
पर डीएम ने झील में गर्रा नदी से कैनाल बनाकर पानी लिफ्ट करने को तीन
करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेेजने की बात कही। एमएलसी अशोक बाजपेयी ने
बाबरपुर में गर्रा नदी का कटान रोकने का मुद्दा उठाया, जिस पर प्रभारी
मंत्री ने एक्सईएन को एक सप्ताह में प्रभावित गांव का सर्वे कर प्रस्ताव
बनाने के निर्देश दिए।
विधायक अनिल वर्मा ने बावन के ग्राम ऐजा में पशु
अस्पताल में चिकित्सक न होने की बात कही। प्रभारी मंत्री ने चिकित्सक की
तैनाती और निशुल्क बोरिंगों की सूची जनप्रतिनिधियों को देने के निर्देश
दिए। शादी अनुदान योजना में धनराशि न आने पर डीपीओ को प्रस्ताव भेजने के
निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई जा रही सड़कों का मुद्दा आने पर
प्रभारी मंत्री ने एक्सईएन को सड़क के स्टीमेट में नाली निर्माण भी शामिल
करने के निर्देश दिए।