फोटो-01- सदर बाजार में धूप में गमछा ओढकर जाते युवक। संवाद
हरदोई। अप्रैल के महीने में ही जेठ की तपिश का अहसास होने लगा है। जैसे-जैसे सूरज की किरणें तीखी हो रही हैं, वैसे-वैसे मौसम के मिजाज ने भी तल्खी बढ़ती जा रही है। जिले में गर्मी का सितम इस कदर बढ़ गया है कि दोपहर होने तक पारा 42 डिग्री सेल्सियस को पार कर रहा है। इससे आम जन जीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है।
सूरज की बढ़ती तल्खी सुबह 10 बजते ही लोगों को झुलसाने लगती है। दोपहर के समय लू के थपेड़ों ने सड़कों पर निकलना दूभर कर दिया है। मुख्य बाजारों और सड़कों पर आवाजाही कम होने से भीड़ कम दिख रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों व गलियारों में सन्नाथ पसरा नजर आता है। जरूरी काम से निकलने वाले राहगीर चेहरे को कपड़े से ढंककर और छाते का सहारा लेकर खुद को बचाने की नाकाम कोशिश करते दिखते हैं। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। गन्ने का रस, लस्सी और बेल के शरबत की दुकानों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में लोग पेड़ों की छांव तलाशते नजर आए।
मौसम वेधशाला प्रेक्षक आरसी वर्मा ने बताया कि अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान में बढ़ोत्तरी से रात में भी गर्मी का अहसास हो रहा है। हवाओं की गति चार किमी प्रति घंटा रही। सुबह के समय आद्रता 39 प्रतिशत और शाम को 15 प्रतिशत दर्ज की गई।
फोटो-01- सदर बाजार में धूप में गमछा ओढकर जाते युवक। संवाद