हरदोई। लोनार कोतवाली क्षेत्र के चिमना गांव में ईंट-भट्ठे के पास पानी भरे गड्ढे में भाई-बहन की डूबने से मौत के मामले में प्राथमिकी दर्ज हो गई है। लेखपाल की शिकायत पर भट्ठा संचालक योगेंद्र पाल सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
लखीमपुर खीरी निवासी इरशाद चिमना गांव स्थित ईंट-भट्ठे पर पथाई का काम करते हैं। रविवार शाम उनकी बेटी रुखसार और पुत्र अबजद भट्ठे के पास खेल रहे थे। देर रात भट्ठे से लगभग 100 मीटर दूर पानी भरे गड्ढे में दोनों के शव पड़े मिले थे। गड्ढे में डूब रहे अबजद को बचाने में बहन रुखसार की भी डूबने से मौत हो गई थी। सोमवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था। पोस्टमार्टम में डूबने से दोनों की मौत होने की बात सामने आई थी। 10 फीट लंबा, आठ फीट चौड़ा और पांच फीट गहरा गड्ढा था।
इस मामले में क्षेत्रीय लेखपाल अनिरुद्ध कुमार ने भट्ठा संचालक योगेंद्र पाल सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। बताया कि गड्ढे के आसपास कोई सुरक्षात्मक व्यवस्था नहीं की गई थी और न ही कोई चेतावनी पट्टी लगाई गई थी। इससे प्रथम द़ृष्टया योगेंद्र की लापरवाही प्रतीत होती है। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एमपी सिंह ने बताया कि बीएनएस की धारा 106 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
106 बीएनएस में यह है प्रावधान ...
यदि किसी व्यक्ति के द्वारा किसी लापरवाही या असावधानीपूर्ण कार्य की वजह से किसी अन्य व्यक्ति की मृत्यु का कारण बनता है (जो दंडनीय हत्या के अंतर्गत नहीं आता) तो यह धारा गैरइरादतन हत्या के अंतर्गत नहीं आती है। ऐसे व्यक्ति को पांच वर्ष तक की कैद (जिसमें साधारण या कठोर कारावास हो सकता है) और जुर्माने से दंडित किया जाएगा।