काफी अरसे से परिषदीय स्कूल का टीचर बनने का सपना देख
रहे आवेदकों को मंगलवार को नियुक्ति पत्र मिलते ही चेहरे पर खुशी की लहर
दौड़ गई। आवेदकों खुशी से फूले नहीं समा रहे थे। नियुक्ति पत्र पाने के बाद
आवेदक स्कूल की भौगोलिक स्थित जानने में उलझे रहे। वहीं नियुक्ति पत्र में
नाम पते में अंतर होने पर आवेदक परेशान हुए।
ज्ञात हो कि वर्ष
2011 में बसपा सरकार में परिषदीय स्कूलों में सहायक टीचर पद पर नियुक्ति को
विज्ञापन प्रकाशित किया गया था। जिसमें टीईटी को नियुक्ति का आधार बनाया
गया था। जिस पर कई आवेदक कोर्ट चले गए थे। इससे प्रक्रिया रुक गई थी। इसी
बीच प्रदेश में चुनाव के कारण सपा सरकार बन गई।
प्रदेश सरकार ने सहायक टीचर
की नियुक्ति को शैक्षिक योग्यता को आधार मान विज्ञापन प्रकाशित कराया और
उसी पर मेरिट जारी कर प्रथम चरण की काउंसिलिंग शुरू की गई, पर काउंसिलिंग
के दिन ही कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस पर रोक लगा दी। कोर्ट ने सुनवाई के
दौरान अंत में टीईटी को नियुक्ति का आधार मानते हुए आवेदकों की नियुक्ति के
आदेश जारी किए थे।
इस पर प्रदेश सरकार की ओर से आवेदकों की काउंसिलिंग
शुरू हुई। चतुर्थ काउंसिलिंग पूरी होने के बाद नियुक्ति के आदेश जारी हुए।
इस प्रक्रिया को अंतिम रूप में पहुंचने में चार साल बीत गए। मंगलवार को जब
उनके हाथ में नियुक्ति पत्र आया तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। नियुक्ति
पत्र आते ही आवेदक खुशी से झूम उठे और अपने स्कूल की भौगोलिक स्थित जानने
में जुट गए।
इस दौरान 1378 आवेदकों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। उधर, जिले
में सहायक टीचर के 3000 पदों पर नियुक्ति की जानी थी। जिसमें शासनादेश के
अनुसार सीटें आरक्षित थी। डायट की ओर से इनमें से 2613 आवेदकों की सूची
बीएसए का सौंपी गई। जिनके नियुक्ति पत्र जारी करने को विभाग की ओर से चार
केंद्र बनाए गए थे।
इनमें कला वर्ग के पुरुष आवेदकों को जीआईसी, विज्ञान
वर्ग के पुरुष आवेदकों को डायट, कला वर्ग की समस्त महिला आवेदकों को
प्राथमिक स्कूल ऊंचा थोक, कंपनी बाग और समस्त विज्ञान वर्ग की महिला
आवेदकों को प्राथमिक स्कूल हरदेव गंज मुन्ने मियां चौराहे के पास से आदेशों
का वितरण किया गया।
विभाग को स्कूलोंका आवंटन करने पर आरोप ने लगे, इसलिए
बीएसए ने आवेदकोें की सूची व स्कूलों की सूची एनआईसी प्रभारी को सौंप दी
गई। जिस पर स्कूल का आवंटन रोस्टर के अनुसार कर दिया गया। इससे किसी को दूर
तो किसी को बहुत ही नजदीक का विद्यालय मिल गया।