शाहाबाद। शाहाबाद के उपजिलाधिकारी रहे सुशील कुमार मिश्रा पर अभद्रता का आरोप लगाने वाली लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट आने पर कार्रवाई हुई। जांच में पता चला कि लेखपाल ने आंखों में परेशानी होने की बात कही थी लेकिन इसका कोई साक्ष्य नहीं दे पाई थीं।
बीते छह जुलाई को महिला लेखपाल पूजा देवी ने तत्कालीन एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा पर अभद्रता करने के आरोप लगाए थे। महिला के पिता तहसील में ही अधिवक्ता भी हैं। इस कारण तहसील के अधिवक्ता भी लेखपाल के पक्ष में खड़े हो गए थे और एसडीएम न्यायालय का बहिष्कार कर दिया था। पूरे मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी अनुनय झा ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था। इस समिति में सहायक पुलिस अधीक्षक आलोक राज नारायण, नगर मजिस्ट्रेट संजय कुमार और अतिरिक्त मजिस्ट्रेट पूनम भास्कर शामिल थीं। समिति ने दोनों पक्षों के लोगों के बयान लेकर सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की थी। जांच में पता चला कि परगना पछोहा और आलमनगर की खतौनी की फीडिंग होनी थी।
इसके लिए लेखपाल पूजा देवी को नामित किया गया था। वह अपने दायित्वों का निर्वाहन नहीं कर सकीं। महिला लेखपाल ने अपनी आंखों की बीमारी का जिक्र किया था लेकिन इलाज से संबंधित कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाईं। तत्कालीन और वर्तमान में बरेली जनपद के तहसील आंवला एसडीएम एसके मिश्रा पर लगाए गए आरोप भी असत्य पाए गए। पूरे मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद पूजा देवी को निलंबित कर दिया गया।