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नहीं दूर हो रही यूरिया की किल्लत, किसान परेशान

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फोटो-38- खाद के लिए सकतपुर समिति पर लगी किसानों की भीड़। संवाद - फोटो : HARDOI
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गेहूं की फसल में सिंचाई के बाद यूरिया की दरकार है लेकिन खाद के लिए किसान परेशान हैं। उन्हें सहकारी समितियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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थाना क्षेत्र के बबनापुर निवासी किसान वीरेंद्र सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल में पानी लगे पांच दिन हो चुके हैं। फसल में खाद डालने का समय है। उन्हें 10 बोरी खाद की जरूरत है, लेकिन सकतपुर समिति पर खाद नहीं मिल पा रही है। शनिवार को उनको एक बोरी खाद मिल पाई है।
बाजार में खाद 50 से 70 रुपये तक महंगी बिक रही है। काशीपुर निवासी किसान शारदा सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल लगभग 40 दिन की हो चुकी है। फसल में 20-21 दिन बाद यूरिया खाद डाली जाती है, लेकिन इस बार खाद ही नहीं मिल पा रही है। समय पर खाद न मिलने पर फसल की बढ़त व उत्पादकता प्रभावित होगी।
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मजबूरी में दुकान से महंगी खाद खरीद रहे हैं। बरखेड़ा निवासी किसान संजय सिंह ने बताया कि उन्होंने पांच एकड़ में गेहूं की व एक एकड़ सरसों की फसल बोई है। कई दिन समिति गोदाम के चक्कर काटने के बाद भी खाद नहीं मिल पाई, इस पर दुकान से खाद खरीद कर खेतों में डाली है।
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नया गांव निवासी किसान मोनू सिंह ने भी यही पीड़ा बताई। समिति संचालक अवधेश सिंह ने बताया कि शनिवार को 300 बोरी यूरिया खाद मिली है, जिसका वितरण किया जा रहा है। जल्द ही और स्टॉक मिलने वाला है।
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