विद्युत उपकेंद्र पर रविवार को किसानों ने लाठी-डंडा
लेकर घेराबंदी कर दी और धरना देकर प्रांगण में ही बैठ गए। एचटी करंट से मौत
व विद्युत वितरण समेत कई मामलों में जेई पर गंभीर आरोप लगाए। विभागीय
निर्देश पर आए दो अन्य जेई ने अधिशासी अभियंता को संबोधित ज्ञापन लेते हुए
माह भर में समस्याओं का निराकरण कराने का आश्वासन देकर किसानों को शांत
कराया।
किसानों ने आरोप लगाया है कि पहाड़पुर, ताजपुर, अतरौली, घेरवा
आदि कई गांवों के ट्रांसफार्मर गलत तरीके से हटवाते हुए बिना विभागीय
लिखापढ़ी किए ही दूसरे गांवों में लगा दिए गए हैं, जिससे कई ऐसे गांवों में
अंधेरा है, जहां के लोगों ने कनेक्शन ले रखा है और कटिया वाले गांवों में
रोशनी हो रही है।
आरोप है कि जेई की मिलीभगत से लाइन लास के नाम पर विभाग
को लाखों का चूना लग रहा है। कई गांवों में महीनों से तार लगाने की समस्या
का निराकरण नहीं हो रहा है। एचटी करंट से मौत के मामले में मुआवजा तथा खराब
ट्रांसफार्मर व सरकारी नलकूपों को ठीक कराने की मांग उठाई गई।
महीठा,
भैसासुर, सांडा दखिलौल, ऐराकाकेमउ, भुलभुला, गाेंडवा, गोनी, प्रहलादखेडा,
बिलरिया, डांडा, भटपुर आदि गांवों में बिजली को लेकर गंभीर समस्याएं बताई
गईं। बेहंदर जेई आरएन कुशवाहा व संडीला जेई सज्जार आलम ने किसानों से एक
माह का समय मांगते हुए निराकरण का आश्वासन दिया।
उधर, अतरौली उपकेंद्र पर
तैनात प्राइवेट कर्मी कल्लू, हनीफ, अनिल व रामू ने अधिशासी अभियंता को
संबोधित पत्र देते हुए अफसर पर गंभीर आरोप लगाया है। कर्मियों ने
बताया कि उनको न्याय नहीं मिल रहा है। उधर, किसानों के धरने पर पहुंचे जेई ने करंट से मौत मामले में किसान के परिजनों को
एक लाख का मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
इस मौके पर राजू
गुप्ता, राकेश सिंह राणा, प्रेम सिंह, प्रधान भूरे सिंह, दिनेश चंद्र वर्मा
आदि मौजूद थे। उधर, पुलिस ने भुलभुला में एचटी करंट से हुई मौत मामले में
पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार करवा दिया।