हरदोई। शहर के सर्कुलर रोड स्थित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ गई। अस्पताल के कर्मचारियों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया। कुछ ही दूर चलने पर परिजन को प्रसूता की मौत हो जाने का एहसास हुआ। परिजन का आरोप है कि मौत होने के बाद प्रसूता को रेफर कर दिया गया। परिजन ने अस्पताल के बाहर हंगामा किया।
सुरसा थाना क्षेत्र के महुराकला निवासी सुनील की पत्नी ज्योति (29) गर्भवती थीं। सुनील ने बताया कि प्रसव पीड़ा होने पर 23 अक्तूबर की दोपहर ज्योति को शहर कोतवाली क्षेत्र के सांडी चुंगी को बिलग्राम चुंगी से जोड़ने वाली सड़क स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 24 अक्तूबर को ऑपरेशन से ज्योति ने बेटे को जन्म दिया। इसके कुछ घंटे बाद ही ज्योति की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन का दावा है कि कुछ देर बाद अस्पताल के स्टाफ ने ज्योति को इंजेक्शन लगाया लेकिन इसके बाद हालत और बिगड़ गई। अस्पताल कर्मियों ने ज्योति को लखनऊ ले जाने की सलाह दी। अस्पताल के ही वाहन से परिजन ज्योति को लखनऊ ले जाने के लिए निकले लेकिन लखनऊ चुंगी पर परिजन को एहसास हुआ कि ज्योति की मौत हो चुकी है।
इस पर परिजन उसे लेकर वापस अस्पताल पहुंचे। यहां परिजन का आक्रोश देख अस्पताल कर्मी ताला डालकर भाग निकले। परिजन का आरोप है कि अस्पताल कर्मियों की लापरवाही के कारण ज्योति की मौत हुई है। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के दो पुत्र और एक पुत्री है। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपाेर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी जानकारी दी गई है ताकि अस्पताल के पंजीकरण और चिकित्सकों की उपलब्धता के बारे में भी जांच हो सके।