बस की जांच करते अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ज्ञान प्रकाश यादव, और एआरटीओ प्रवर्तन एके मिश्रा ।
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हरदोई। स्कूलों में फर्जी बसें मिलने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को सेंट जेवियर्स स्कूल में भी एक बस फर्जी और दस बसें अनफिट मिलीं। एआरटीओ ने अनफिट बसों का चालान करने के साथ फर्जी बस के मामले में प्रबंधक के खिलाफ देहात कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। सेंट जेम्स स्कूल में फर्जी बस मिलने के मामले में चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
डीएम के आदेश पर स्कूली बसों की जांच के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जांच टीम में शामिल अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ज्ञान प्रकाश यादव, सीओ सिटी अजीत सिंह चौहान और एआरटीओ प्रवर्तन एके मिश्रा शुक्रवार को सेंट जेविसर्य स्कूल शाहजहांपुर रोड शाखा में छापेमारी की। एआरटीओ ने बताया कि स्कूल में खड़ी करीब 21 बसों की जांच की गई।
इसमें 10 बसें अनफिट मिलीं। किसी ने जाली नहीं लगी थी तो किसी में इंडीकेटर टूटे हुए थे। कुछ बसों में तो ड्राइवर खिड़की में दरवाजा ही नहीं था। इसके अलावा बस नंबर यूपी 42 टी 1876 फर्जी मिली। इस बस का चेचिस नंबर आरसी में दर्ज नंबर से अलग था। सेंट जेवियर्स स्कूल की सभी बसों का स्कूल परिमिट प्रबंधक के नाम जारी कराया गया है। इसके चलते फर्जी बस मामले में एआरटीओ प्रबंधक के खिलाफ देहात कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। स्कूल ने बसें किस ट्रैवल एजेंसी या ट्रांसपोर्टर से हायर कीं ये प्रबंधक नहीं बता पाए।
सेंट जेवियर्स स्कूल में करीब 21 बसें चलती हैं। इसमें आधी से ज्यादा बसें एनसीआर यानी गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर आदि जिलों की हैं। कंडम होने और अधिक प्रदूषण करने के कारण इन बसों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एनसीआर से बाहर कर दी गईं। यही कंडम बसें यहां लाकर स्कूलों में चलाई जा रही हैं।
सेंट जेम्स स्कूल में भी छह बसें फर्जी मिलीं थी। इसमें तीन बसें एक ही नंबर पर चलाई जा रही थीं। अन्य बसों के चेचर नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर में आदि में गड़बड़ी मिली थी। इस फर्जीवाड़े में पुलिस ने बस मालिक अखिलेश अग्रवाल निवासी सदर बाजार हरदोई, संजीवन श्रीवास्तव और अजीत श्रीवास्तव निवासी लखनऊ रोड हरदोई के खिलाफ एसएसआई संतोष श्रीवास्तव ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। नदीम सिद्दीकी निवासी मल्लावां के खिलाफ पहले ही रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है।