हरदोई। शहर में सांडी चुंगी पर लगे ट्रांसफार्मर की केबिल सोमवार रात लगभग दस बजे फुंक गई। इसके कारण लगभग 200 उपभोक्ताओं की बिजली गुल हो गई। सांडी चुंगी शहर में ही है, लेकिन यहां केबिल बदलने में तकरीबन 14 घंटे लग गए। मंगलवार दोपहर 12 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। इससे इतर फेस कट जाने से भी शहर के अलग अलग इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित रही। पूरी रात 25 हजार उपभोक्ताओं को बिजली समस्या से जूझना पड़ा।
शहर में बिजली आपूर्ति के लिए 12 विद्युत उपकेंद्र संचालित हैं। इनमें सांडी रोड विद्युत उपकेंद्र से सबसे अधिक उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। जिनकी संख्या लगभग 19 हजार है। उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्र में फेस चले जाने की घटना शाम होते ही होने लगती है। सबसे ज्यादा समस्या चार नंबर फीडर में होती है। इससे आलू थोक, बाबा मंदिर, कृष्ण नगरिया, चौहान थोक, डॉ. भूरा चौराहा, डॉ. रामदत्त चौराहा की आपूर्ति प्रभावित होती है। बिजली जाने के बाद फेस सही करने में चार से पांच घंटा तक का समय लग जाता है। इससे क्षेत्र के 19 हजार उपभोक्ताओं को पूरी रात जागकर गुजारानी पड़ती है। वहीं विद्युत उपकेंद्र गुरगुज्जा का भी यही हाल है। उसमें इंडस्ट्रीयल एरिया भी जुड़ा है। इससे वहां पर भी आए दिन समस्या रहती है। इससे उपकेंद्र से जुड़े मोमीनाबाद, कन्हईपुरवा बिलग्राम चुंगी आदि की बिजली गुल रहती है।
शहर के अन्य क्षेत्र भी होते प्रभावित
बिजली लाइन में फेस में खराबी का दंश पूरा शहर झेल रहा है। शहर के चरौली उपकेंद्र से जुड़े पिहानी चुंगी व सिविल लाइन के लिए ट्रांसफार्मर का फेस अक्सर ही खराब रहता है। इससे क्षेत्र के लोग पूरी जागकर बिताते है। वहीं आशा नगर का जयराम फीडर का फेस भी गायब रहता है। इससे उससे जुड़े पांच हजार उपभोक्ता बिजली न मिलने से पूरी रात परेशान रहते हैं।
लोकल फॉल्ट पर लगाया जाए अंकुश
शहर के डाॅ. भूरा चौराहा निवासी अनुज चौरासिया ने बताया कि शाम होते ही लोकल फॉल्ट शुरू हो जाती है। आधीरात के बाद कभी तीन बजे, तो कभी चार बजे बिजली आती है। इससे पूरी रात जागकर बितानी पड़ रही है।
बिजली की समस्या होने पर जब विद्युत उपकेंद्र व अवर अभियंता का सीयूजी नंबर मिलाया जाता है, तो वह उठाता नहीं है। इससे बिजली के विषय में जानकारी नहीं हो पाती है। इस संबंध में कई बार अधिकारियों को भी अवगत कराया गया, मगर कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है।
फेस में खराबी की समस्या पूरे शहर व प्रदेश में है। ओवर लोड के कारण समस्या होती है। उसका निदान कराने का जल्द से जल्द प्रयास किया जाता है। -आकाश वर्मा, उपखंड अधिकारी
फोटो-18-बिजली लाइन पर काम करता बिजली कर्मी। संवाद
फोटो-18-बिजली लाइन पर काम करता बिजली कर्मी। संवाद