हरदोई। क्षेत्र पंचायतों के खातों में बड़ी मात्रा में रुपये होने पर सीडीओ नेहा ब्याडवाल ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने 19 में आठ क्षेत्र पंचायतों के खंड विकास अधिकारियों को नोटिस जारी किया। कहा कि न तो काम में रुचि ली जा रही है न ही भुगतान पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कार्ययोजना के मुताबिक काम कराने के आदेश के साथ ही दो दिन के अंदर साक्ष्य सहित जवाब मांगा है।
क्षेत्र पंचायतों में निर्वाचित ब्लॉक प्रमुखों का 19 जुलाई को कार्यकाल पूरा हो गया। इससे अब प्रशासक कामकाज संभालेंगे। वहीं क्षेत्र पंचायतों के खातों में 16 करोड़ से अधिक रुपये उपलब्ध हैं। इससे स्पष्ट है कि इन क्षेत्र पंचायतों में आमजन की सुविधा और सहूलियत के कामों पर भी ध्यान नहीं दिया गया। क्षेत्र पंचायतों के खातों में उपलब्ध रुपये से जुड़ी खबर
अमर उजाला
ने 19 जुलाई के अंक में ‘क्षेत्र पंचायतों के खातों में 16 करोड़ डंप’ शीर्षक से खबर को प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया था। खबर का अधिकारियों ने संज्ञान लिया।
सीडीओ ने राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग की मद में रुपये होने के बाद भी काम न कराने और खर्च की खराब स्थिति पर क्षेत्र पंचायत बेहंदर, बिलग्राम, हरपालपुर, कोथावां, माधौगंज, मल्लावां, पिहानी और संडीला के खंड विकास अधिकारियों से दो दिन में साक्ष्य सहित जवाब मांगे हैं। कहा कि ई ग्राम स्वराज पोर्टल पर व्यय की प्रगति काफी खराब प्रदर्शित हो रही है।
-
इन ब्लॉकों ने कार्यों, खर्च में नहीं ली रुचि
क्षेत्र पंचायतों को भी पंचायतीराज विभाग के माध्यम से राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग की मद में बड़ी मात्रा में रुपये उपलब्ध कराए जाते हैं। कार्यों और खर्च की खराब स्थिति पर सीडीओ नेहा ब्याडवाल ने इस पर नाराजगी जाहिर की। क्षेत्र पंचायत बेहंदर, संडीला, माधौगंज, मल्लावां और पिहानी में राज्य वित्त आयोग में कोई काम नहीं कराया जा रहा है जबकि चालू वित्तीय वर्ष में राज्य वित्त आयोग की मद में तीन किस्त के रुपये प्राप्त हो चुके हैं। केंद्रीय वित्त आयोग की मद में क्षेत्र पंचायत बेहंदर, संडीला, बिलग्राम, हरपालपुर और कोथावां की काम और खर्च में स्थिति खराब है। इन क्षेत्र पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2025-26 में मिले रुपये ही खर्च नहीं हो पाए हैं।