हरदोई। जिले में दो दिन की मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। सोमवार तक 633 मकान गिर चुके हैं। प्रभावित लोगों को अपनी गृहस्थी समेटने और सुरक्षित स्थानों पर जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लगातार हुई बरसात ने फसलों के साथ-साथ झोपड़ियों और मकानों को भी नुकसान पहुंचाया है। मूसलाधार बारिश से कच्चे और पक्के दोनों तरह के मकान कमजोर हो गए हैं। प्रशासन बारिश से हुए नुकसान का आकलन करा रहा है। सोमवार तक कराए गए सर्वे में मकानों को नुकसान और गिरने की संख्या 633 तक पहुंच गई है। इसमें सदर तहसील में 70, संडीला में 143, सवायजपुर में 131, बिलग्राम में 151 और शाहाबाद में 138 मकान शामिल हैं। अभी भी नुकसान का सर्वे और फीडिंग का काम जारी है।
खरीफ फसलों को भी अतिवृष्टि ने नुकसान पहुंचाया है। धान, मक्का, ज्वार और बाजरा सहित तिल, उड़द, मूंग और सब्जियों की फसलों के साथ गन्ना को नुकसान पहुंचा है। बारिश के साथ हवा से फसलें खेत में ही बिछ गई हैं। इससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। जिला गन्ना अधिकारी निधि गुप्ता ने बताया कि गन्ना की फसल हवा से गिर गई है। इसका फील्ड कर्मचारियों से सर्वे कराया जा रहा है। वहीं गिरे हुए गन्ना को सीधा कराते हुए बंधवाने का भी काम कराया जा रहा है।
अतिवृष्टि से मकानों को हुए नुकसान का सर्वे कराते हुए फीडिंग कराई जा रही है। जबकि जनहानि के मामलों में आर्थिक मदद दिलाई जा रही है। फसलों के नुकसान का भी सर्वे कराया जा रहा है। तहसीलों प्राप्त होने वाली रिपोर्ट पर पशुहानि, मकानों के गिरने और क्षतिग्रस्त होने की श्रेणी के अनुसार दैवी आपदा मद से मुआवजा पीड़ितों के खातों में भिजवाया जा रहा है।
-दीपाल भार्गव, एडीएम वित्त एवं राजस्व