हरदोई। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शासन ने जिले के गांवों को ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) करने की तिथि बढ़ाकर 2 अक्तूबर 2018 घोषित कर दी है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। आंकड़े बताते हैं कि गांवों को ओडीएफ करने के लिए नौ महीने में पौने चार लाख शौचालयों का निर्माण कराने का लक्ष्य निर्धारित जिला प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। जिला प्रशासन को हर महीने में 42 हजार से अधिक शौचालयों का निर्माण यानी हर ढाई मिनट में एक शौचालय का निर्माण कराना होगा। खास बात ये है कि अभी तक शासन ने इसके लिए बजट भी जारी नहीं किया है। ऐसे में जिले के सभी गांव कम समय में ओडीएफ कैसे होंगे।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले के 1889 गांवों को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) के लिए सर्वे कराया गया था। सर्वे के तहत 4,13,000 परिवार शौचालय विहीन मिले। शासन ने इन परिवारों को छह-छह हजार की दो किस्तों में 12 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने के निर्देश दिए थे। साथ ही 40 करोड़ रुपये अवमुक्त किए थे। इन गांवों को 31 दिसंबर 2017 तक ओडीएफ करने को कहा गया था। जिला प्रशासन और जिला पंचायत राज विभाग के अफसर निर्धारित समयसीमा में जिले के गांवों को ओडीएफ घोषित नहीं कर पाए। जिला पंचायत राज विभाग 35 हजार शौचालयों का निर्माण कराकर केवल 88 गांवों को ओडीएफ घोषित कर सका है।
इसकी रिपोर्ट पंचायती राज निदेशालय को भेजी गई है। शासन ने गांवों को ओडीएफ कराने के लिए दो अक्टूबर 2018 तक बढ़ा दी है। आंकड़े बताते हैं कि जिले के 1801 गांवों को ओडीएफ करने के लिए नौ महीने का समय है। इन गांवों में 3,78,000 शौचालयों का निर्माण कराने का लक्ष्य है। इसके लिए जिला पंचायत राज विभाग को 453 करोड़ रुपये की जरूरत है, लेकिन शासन ने अभी कोई बजट जारी नहीं किया है। डीएम ने गुुरुवार को स्वच्छ भारत मिशन के तहत अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए गांवाें को ओडीएफ करने के लिए ब्लॉकवार लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। प्रत्येक ब्लॉक को हर माह 42 हजार यानि हर दिन 1400 शौचालयों का निर्माण कराना जिला प्रशासन और पंचायत राज विभाग को किसी चुनौती से कम नहीं है। आंकड़े बताते हैं कि लक्ष्य पाने के लिए पंचायत कर्मियों से लेकर अन्य कर्मचारियों को रात दिन मेहनत कर हर ढाई मिनट में एक शौचालय का निर्माण कराना होगा। ज्यों ज्यों समय बढ़ता जाएगा। उसके हिसाब से लक्ष्य भी प्रतिदिन का बढ़ता चला जाएगा।
स्वच्छाग्राहियों की भूमिका भी होगी अहम
जिले के गांवों को ओडीएफ घोषित कराने में स्वच्छ भारत मिशन के तहत लगे स्वच्छाग्राहियों की टीम को अहम भूमिका निभानी होगी। लोगों को शौचालय निर्माण के लिए प्रेरित करना होगा। साथ ही खुले में शौच जाने से होने वाली बीमारियों के बारे में बताना होगा।
यह है गांवों को ओडीएफ करने की यह है स्थिति
-जिले की 1308 ग्राम पंचायतों में 1889 गांव है
-ओडीएफ करने के लिए 4,13,000 का था लक्ष्य
-शासन से अब तक मिले 40 करोड़
-35 हजार शौचालयों का हुआ है निर्माण
-88 गांवों को ओडीएफ कर पंचायती राज निदेशालय को भेजी गई रिपोर्ट
-2 अक्टूबर 2018 तक 3,78,000 शौचालयों का निर्माण कराने का लक्ष्य
-शौचालय निर्माण को जरूरत 453 करोड़ से अधिक की राशि
शौचालय निर्माण के लिए शासन की ओर से पर्याप्त बजट नहीं मिल पा रहा है, इसके बावजूद एडीओ पंचायत, सचिवों, खंड प्रेरकों के साथ-साथ पंचायत मित्र, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से लोगों को शौचालय निर्माण के लिए प्रेरित करने को कहा गया है। साथ ही इन्हें हर माह 25-25 शौचालयों का निर्माण मोटीवेशन के माध्यम से कराने का लक्ष्य दिया गया है। साथ ही लोगों में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
-आरके यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी।