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विश्व में हर सातवां व्यक्ति हिंदू, फिर भी हिंदुओं का अपना कोई राष्ट्र नहीं : कौशल किशोर

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फोटो-07-हिंदू सम्मेलन में बोलते आरएसएस के प्रांत प्रचारक कौशल किशोर। संवाद 
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हरदोई। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत प्रचारक कौशल किशोर ने कहा कि विश्व में हर सातवां व्यक्ति हिंदू है।
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बावजूद इसके हिंदुओं का अपना कोई राष्ट्र नहीं है जबकि ईसाईयों और मुसलमानों के अपने कई देश हैं। भारत के मूल निवासी हिंदू ही हैं। हिंदू इस देश में बहु संख्यक होते हुए भी अपनी पहचान को तरसते हैं। प्रांत प्रचारक शनिवार को नार्मल स्कूल मैदान में आयोजित हिंदू सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने हिंदू सम्मेलन क्यों हो रहे हैं इस पर विस्तार से बात रखी।
प्रांत प्रचारक ने कहा कि सिर्फ हिंदू धर्म को ही धर्म कहा जा सकता है। बाकी सभी पंथ और संप्रदाय हैं। दुनिया में केवल हिंदू ही हैं जो कण कण में ईश्वर को देखते हैं। हम चीटियों को आटा खिलाते हैं और जहरीले सांपों तक को दूध पिलाते हैं। बावजूद इसके हिंदू धर्म को नष्ट करने की कोशिश बार-बार की गई। उन्हाेंने कहा कि संत महात्माओं ने इस महान धर्म को बचाए रखा। कहा कि अक्सर सवाल उठता है कि धर्म सर्वाेपरि है या राष्ट्र।
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दरअसल, हिंदू धर्म ही एक मात्र धर्म है जिसके पालन से हमें पता चलता है कि राष्ट्र ही सर्वाेपरि है। इसी राष्ट्र सर्वाेपरि की भावना को लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ सौ वर्ष की यात्रा काे पूर्ण कर चुका है। कार्यक्रम की अध्यक्षता पवन जैन ने की। इस दौरान संत नारायण दास, जिला प्रचारक अनिल, सह जिला कार्यवाह राम प्रताप, भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन, पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव रंजन मिश्र और श्रीकृष्ण शास्त्री, जिला महामंत्री अनुराग मिश्रा, विनय पांडेय, शोभित सिंह, अशोक सिंह आजाद, विजय बहादुर सिंह, अनुराधा मिश्रा, सुहाना जैन, रीना गुप्ता, नीलम देवी आदि मौजूद रहीं।
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संघ का कार्य समाप्त नहीं, पांच संकल्प लेने हैं...
प्रांत प्रचारक कौशल किशोर ने कहा कि संघ अपने 100 वर्ष पूरे कर चुका है। इसका मतलब यह नहीं कि संघ का कार्य समाप्त हो गया है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि पांच संकल्प लेने हैं। पहला संकल्प कुटुंब प्रबाेधन का है। आज कल के एकल परिवारों को आपस में मिल जुलकर प्रेम से संयुक्त परिवार के रूप में रहना चाहिए। दूसरा विषय पर्यावरण और जल संरक्षण का है। तीसरा सामाजिक समरसता है जिसका उद्देश्य है कि जाति व्यवस्था से दूर रहकर हिंदू समाज समरस रहे। चौथा संकल्प नागरिक अनुशासन है। हम खुद अनुशासित हों और समाज को नागरिक अनुशासन के प्रति जागरूक करें। पांचवां संकल्प स्व की भावना विकसित करना है। स्वदेश और स्वदेशी की भावना पर बल देना है।

फोटो-07-हिंदू सम्मेलन में बोलते आरएसएस के प्रांत प्रचारक कौशल किशोर। संवाद 

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