शहीद को सलामी देते आर्म्ड कोर के अफसर।
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सियाचिन में माइनस 11 डिग्री सेल्सियस पर देश की रक्षा करते हुए प्राण न्यौछावर करने वाले शहीद राजीव कुमार सिंह को बुधवार को उनके गांव मिठनापुर में अंतिम विदाई दी गई। इकलौते बेटे 14 वर्षीय आयुष सिंह ने शहीद को मुखाग्नि दी। लेह और लखनऊ से आई सैन्य टुकड़ियों ने सलामी दी। अंत्येष्टि स्थल पर उनके अंतिम दर्शन के लिए माननीयों, विधायकों सहित प्रशासनिक अधिकारियों का अमला मौजूद रहा।
आर्म्ड कोर में हवलदार पद पर तैनात शाहाबाद के ग्राम मिठनापुर निवासी 40 वर्षीय राजीव कुमार सिंह की सियाचिन में कड़ाके की ठंड और ऑक्सीजन की कमी के चलते सोमवार की दोपहर ड्यूटी दौरान मृत्यु हो गई थी। सैन्य अधिकारियों ने सोमवार को उनके गांव में भाई रिटायर्ड फौजी राकेश कुमार सिंह को सूचना दी थी।
शहीद का शव हवाई जहाज से मंगलवार को दिल्ली लाया गया। यहां एयरपोर्ट पर सैनिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। लेह की टू लांसर आर्म्ड कोर की सात सदस्यीय टुकड़ी नायब सूबेदार चंद्र भान सिंह के नेतृत्व में मंगलवार देर रात शहीद का शव लेकर गांव पहुंची। शव के गांव पहुुंचते ही अपने लाडले की एक झलक पाने को लालायित रहा।
बुधवार सुबह 11 गोरखा रेजीमेंट लखनऊ की ओर से लेफ्टिनेंट कर्नल अतुल कुमार शर्मा के नेतृत्व में एक कमांडर व 21 सिपाहियों की टुकड़ी अंत्येष्टि स्थल पर पहुंची। शहीद के शव को उनके बाग में ले जाया गया। जीओसी की तरफ से प्रतिनिधि चुने गए जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कमांडर गुरसरन गौर ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।