फोटो- 13- दुकान पर बिक्री के लिए रखे फोम के गद्दे। संवाद
हरदोई। महंगाई का असर अब हर जरूरत की वस्तुओं पर पड़ने लगा है। कच्चे माल की आपूर्ति में आ रही बाधाओं की वजह से अब तो सुकून की नींद भी महंगी हो गई है। फोम की कीमतों में बढ़ोतरी होने से गद्दों की कीमतों में 25 से 35 प्रतिशत का इजाफा हो गया है। वहीं, सहालग के चलते लोगों को महंगे दामों पर गद्दों को खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
पेट्रो केमिकल आपूर्ति बाधित होने से कच्चे तेल के दामों में भी उछाल आया है। इस वजह से होम गद्दों की बिक्री में बढ़ोतरी हो गई है। जानकारों के मुताबिक फोम और रसायन का संकट इसका मुख्य कारण है। गद्दे बनाने में इस्तेमाल होने वाला मुख्य कच्चा माल पॉलीयुरेथेन फोम है जो पूरी तरह पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भर है। कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से फोम और रसायनों की लागत आसमान छू रही है।
वहीं, मध्य पूर्व में युद्ध के कारण शिपिंग कंटेनरों को लंबे रास्तों से घूमकर आना पड़ रहा है इससे माल ढुलाई का भाड़ा कई गुना बढ़ गया है। यही कारण है कि इनकी कीमतें बढ़ गई हैं। गद्दा कारोबारी राशिद ने बताया कि तीन बाई छह का 110 एमएम का गद्दा 5150 की जगह 6625 रुपये का मिल रहा है। वहीं कंपनी का कवर चढ़ा हुआ गद्दा जो पहले 18 हजार रुपये का था वह अब 28 हजार का मिल रहा है।
आम आदमी पर पड़ रही दोहरी मार
मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए फोम के गद्दों की खरीदारी अब चुनौती बनती जा रही है। सहालग में उपहार देने के लिए फोम के गद्दों का विशेष रूप से प्रयोग होता है। ऐसे में मध्यम वर्गीय परिवार में शादी का बजट भी बिगड़ गया है। इतना ही नहीं लोग अब अपनी जरूरत के लिए भी फोम के गद्दों को खरीदने के लिए कई बार सोच रहे हैं। व्यापारियों को भी डर है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द नहीं सुधरे तो कीमतों में और भी इजाफा हो सकता है।