उच्चतर माध्यमिक स्कूलों के टीचर विद्यार्थियों का ही
हित भूल गए है। मूल्यांकन कार्य में विलंब से होने से परीक्षाफल भी देरी
से जारी होगा। जिसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ेगा, क्योंकि
अबकी शिक्षा सत्र एक अप्रैल से शुरू हो चुका है। शनिवार को भी मूल्यांकन
कार्य में गतिरोध जारी रहा।
दो केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य शुरू हुआ, पर
एक केंद्र पर छठे दिन भी मूल्यांकन कार्य ठप रहा। मूल्यांकन केंद्रों पर
विरोध और समर्थन करने वाले टीचरों के बीच तीखी नोकझाेंक हुई। जिस पर भारी
पुलिस बल बुलाना पड़ा। ज्ञात हो कि शासन ने विद्यालयोें में शिक्षा सत्र का
समय परिवर्तित कर दिया है।
जिसके अनुसार एक अप्रैल से स्कूलों में प्रवेश
प्रक्रिया और शिक्षण कार्य शुरू हो जाना चाहिए, पर माध्यमिक स्कूलों के
अधिकतर शिक्षक मूल्यांकन कार्य में लगे हुए हैं, इसलिए वह स्कूल नहीं
पहुंचे रहे हैं। इससे स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया बाधित है। वहीं
मूल्यांकन कार्य में विलंब होने से परीक्षाफल जारी होने में विलंब होगा।
इससे सबसे अधिक हाईस्कूल की परीक्षा देने वाले विद्यार्थी प्रभावित हाेंगे।
उनमें असमंजस है कि वह किस कक्षा की पढ़ाई करे। छात्र संगठनों ने भी इस
विरोध प्रदर्शन का समाधान करने की मांग की है। इधर, शनिवार को भी
मूल्यांकन कार्य में गतिरोध जारी रहा।
एसडी इंटर कालेज के उपनियंत्रक
सियाराम ने बताया कि केंद्र पर 19 डीएचई और 155 परीक्षक उपस्थित हुए थे, पर
किसी ने भी कापियां नहीं ली। इस कारण मूल्यांकन कार्य नहीं हो सका। इधर,
आरआर इंटर कालेज में 42 डीएचई और 192 परीक्षकों ने उपस्थित दर्ज कराई।
उप
नियंत्रक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्र पर 2,809 उत्तर पुस्तिकाओं का
मूल्यांकन कार्य किया गया। जीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर 50 डीएचई और 241
परीक्षकों ने उपस्थित दर्ज कराई। उप नियंत्रक योगेंद्र कुमार ने बताया कि
केंद्र पर 2000 कापियों का मूल्यांकन किया गया।
उधर, जीआईसी मूल्यांकन
केंद्र पर कापियां चेक करने को लेकर विरोधी व समर्थक शिक्षकों के बीच तीखी
नोकझोंक हुई।
उनके बीच विवाद बढ़ने पर हाथापाई की नौबत आ गई, जिस पर
वहां पर भारी पुलिस बल बुलाया गया। कोतवाल नागेश मिश्र के साथ भारी पुलिस
बल पहुंचा। तब कहीं मामला शांत हुआ।
उधर, जीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर सिटी
मजिस्ट्रेट लक्ष्मी शंकर सिंह और मूल्यांकन प्रभारी योगेंद्र कुमार ने
विरोध करने वाले टीचरों से वार्ता की, जिस पर विरोध करने वाले टीचरों ने
मूल्यांकन में व्यवधान न डालने का आश्वासन दिया। उन्होंने मांगों के बाबत
विरोध कर रहे संगठनों से मांग पत्र लिया और उसको अफसरों तक पहुंचाने का
आश्वासन दिया।
इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव रंजन मिश्र और भाजपा नेता
अखिलेश पाठक भी पहुंचे और कहा कि प्रदेश सरकार ने टीचरों से वादा खिलाफी
की है। उन्होंने कहा कि टीचरों को उनका हक मिलना चाहिए। उधर, जीआईसी में
विरोध प्रदर्शन करे रहे टीचरों को संबोधित करते हुए वित्तविहीन शिक्षक
महासभा के जिलाध्यक्ष बादाम सिंह ने कहा कि सभी टीचर एकजुट होकर सरकार की
वादा खिलाफी के विरुद्ध चल रहे विरोध प्रदर्शन में साथ दे।
माध्यमिक शिक्षक
संघ चंदेल गुट के जिलाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्र ने कहा कि सभी टीचर गुटबाजी
से ऊपर उठकर एक साथ साथ दें, ताकि लक्ष्य प्राप्त कर सकें। माध्यमिक शिक्षक
संघ पांडेय गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश मित्तल ने कहा कि जब तक न्याय
नहीं मिल जाता विरोध जारी रहेगा।
इस मौके पर आशीष सिंह, उदय प्रताप सिंह,
विश्वनाथ त्रिपाठी, उमाकांत अवस्थी, राकेश चंद्र त्रिवेदी, ज्ञानेंद्र
उपाध्याय आदि मौजूद थे।