फोटो 22: रामगंगा नदी से चंद्रमपुर गांव में खेतों की तरफ हो रहा कटान। संवाद
हरदोई/हरपालपुर। पहाड़ों पर हो रही बरसात और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी का असर अब जिले में दिखने लगा है। गंगा और रामगंगा नदी के पानी में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रामगंगा में पानी बढ़ने के साथ ही कटियारी क्षेत्र के चंद्रमपुर गांव के पास पानी ने कटान शुरू कर दिया है। पानी गांवों के संपर्क मार्गों पर भी पहुंच गया है। इससे संभावित बाढ़ की विकरालता से किसानों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।
गंगा का पानी लगातार बढ़ने से कटियारी क्षेत्र के तेरा पुरसौली के पास रामगंगा की धार से मिलन हो गया है। इससे दोनों नदियों के पानी आपस में मिल गए और बाढ़ का रूप ले लिया है। इससे बाढ़ का पानी खेतों से होकर गांवों की तरफ बढ़ने लगा है। बृहस्पतिवार को जीवनपुरवा से चियासर खड़ंजा संपर्क मार्ग पर पानी की धार बहने लगी है। इससे लोगों को पानी से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। निकामदपुर गांव के चारों तरफ बाढ़ का पानी आ गया है। वहीं चंद्रमपुर गांव में रामगंगा नदी के पानी से खेतों का कटान होने लगा है। पानी बढ़ने से ग्रामीण चिंतित हैं। ग्रामीणों के मुताबिक कटान जारी रहा या और तेजी आई तो बड़ा भू-भाग रामगंगा नदी के पानी में समा जाएगा।
वहीं गंगा में नरौरा बैराज से 1,15,130 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी शनिवार तक जिले में पहुंचेगा। वहीं पहले से छोड़े गए पानी से गंगा नदी सहित रामगंगा के पानी में बढ़ोतरी जारी है। राजघाट पर गंगा नदी का पानी चेतावनी बिंदु 124.31 मीटर गेज से करीब 54 सेंटीमीटर पहुंच गया है। वहीं फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर गेज से 40 सेंटीमीटर ऊपर 137.00 मीटर गेज पर है हालांकि यहां पर 24 घंटे में पांच सेंटीमीटर पानी कम हुआ है जबकि रामगंगा का पानी शाहजहांपुर के डबरी घाट पर मामूली बढ़ोतरी के साथ 134.80 मीटर गेज पर पहुंचा है।
गर्रा का पानी शाहजहांपुर के मुमोक्ष आश्रम 143.65 मीटर गेज पर बना हुआ है। सवायजपुर एसडीएम अंकित तिवारी के मुताबिक बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। राजस्व टीम और अधिकारियों को निगरानी के साथ ही अप्रिय स्थिति में समय से राहत और बचाव के लिए लगाया गया है।
फोटो 22: रामगंगा नदी से चंद्रमपुर गांव में खेतों की तरफ हो रहा कटान। संवाद
फोटो 22: रामगंगा नदी से चंद्रमपुर गांव में खेतों की तरफ हो रहा कटान। संवाद