हरदोई। मई 2019 में जिले में शाहाबाद स्थित आवश्यक वस्तु निगम की गोदाम पर हुए राशन घोटाले के मामले की जांच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) से कराने के निर्देश दिए हैं। मामले में तत्कालीन गोदाम प्रभारी को पहले ही निलंबित कर लखनऊ स्थित मुख्यालय से संबद्ध किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले पांच साल में प्रदेश के नौ जनपदों में हुए 12 करोड़ रुपये से अधिक के राशन घोटाले की जांच ईओडब्ल्यू से कराने के निर्देश दिए हैं। इनमें मऊ, आजमगढ़, बलिया, प्रतापगढ़, देवरिया, बदायूं, अलीगढ़ व सहारनपुर समेत हरदोई भी शामिल है। यहां हुआ राशन घोटाला आवश्यक वस्तु निगम की शाहाबाद गोदाम से जुड़ा है। मई 2019 में आदर्श कोटेदार वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भाजपा जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्र से गोदाम प्रभारी की शिकायत की थी। बताया था कि गोदाम प्रभारी द्वारा कोटेदारों से उठान के समय राशन की पूरी मात्रा पर दस्तखत करा लिए जाते हैं, जबकि राशन कम दिया जाता है। मामला संज्ञान में आने पर जिलाध्यक्ष ने प्रशासन से जांच कराने को कहा था। अधिकारियों के निर्देश पर जांच और गोदाम का सत्यापन किया गया तो तत्कालीन गोदाम प्रभारी द्वारा बताए गए स्टॉक (रजिस्टर) के सापेक्ष मौके पर 317 क्विंटल चावल व 917 क्विंटल गेहूं कम मिला था। जिसकी कीमत लगभग 34 लाख 24 हजार 855 रुपये थी। गड़बड़ी मिलने के बाद एसएफसी (आवश्यक वस्तु निगम) के जिला प्रबंधक मनोज श्रीवास्तव ने गोदाम प्रभारी के खिलाफ पांच अक्तूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गोदाम के स्टॉक में गड़बड़ी सामने आने के बाद गोदाम प्रभारी नागेश्वर पाठक को निलंबित कर उन्हें लखनऊ स्थित मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। एसएफसी के जिला प्रबंधक मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि प्रकरण की जांच ईओडब्ल्यू को दिए जाने की बात पता चली है।
मुख्यालय से संबद्ध है निलंबित तत्कालीन गोदाम प्रभारी
हरदोई। शाहाबाद के तत्कालीन गोदाम प्रभारी नागेश्वर पाठक मूल रूप से कर्मचारी कल्याण निगम के कर्मचारी हैं। 2018 में कर्मचारी कल्याण निगम के कुछ कर्मचारियों को एसएफसी में समायोजित किया गया था, जिसमें नागेश्वर पाठक भी शामिल थे। एसएफसी में हरदोई में ज्वाइन करने के बाद उन्हें दिसंबर 2018 में शाहाबाद में गोदाम प्रभारी बनाया गया था। निलंबन की कार्रवाई होने के बाद आवश्यक वस्तु निगम ने उन्हें विभाग से कार्यमुक्त कर दिया है। नागेश्वर पाठक को कर्मचारी कल्याण निगम के लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
कर्मचारी से रिकवरी के लिए लिखा गया पत्र
हरदोई। तत्कालीन शाहाबाद गोदाम प्रभारी नागेश्वर पाठक के खिलाफ एसएफसी विभाग की ओर से रिपोर्ट शासन भेजी गई थी, जिसमें आरोपी पर लगभग 34 लाख रुपये के राशन के गबन का आरोप है। एसएफसी के प्रबंधक निदेशक ने निलंबित कर्मचारी के विभागीय फंड से गबन की राशि की प्रतिपूर्ति के लिए कर्मचारी कल्याण निगम के प्रबंधक निर्देशक को दिसंबर में पत्र जारी किया था।