हरदोई। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में शनिवार को बिजली कर्मियों ने आशा नगर उपकेंद्र पर सांकेतिक प्रदर्शन किया। उन्होंने निजीकरण नहीं होने देने का संकल्प लेते हुए निजीकरण से आम जनता को होने वाली परेशानियों के बारे में बताया।
निजीकरण के विरोध में कार्यालय समय के बाद बिजली कर्मियों ने आशा नगर उपकेंद्र पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि निजीकरण से कर्मचारियों की सेवा शर्तें प्रभावित होती हैं। आम घरेलू उपभोक्ता, किसानों और गरीब उपभोक्ताओं पर प्रभाव पड़ता है। कहा कि निजीकरण में आगरा और ग्रेटर नोएडा में किए गए विफल प्रयोगों की समीक्षा करना जरूरी है।
संघर्ष समिति ने कहा कि आगरा और केस्को दोनों के निजीकरण का एग्रीमेंट एक ही दिन हुआ था। निजीकरण का प्रयोग विफल हुआ है और इससे पावर कारपोरेशन का घाटा और बढ़ गया। सार्वजनिक क्षेत्र का प्रयोग कानपुर में सीमित संसाधनों के बावजूद सफल रहा। समिति पदाधिकारियों ने आम उपभोक्ताओं और कर्मचारियों की राय लिए बना निजीकरण की प्रक्रिया शुरू न करने की बात कही। विरोध प्रदर्शन में रमेश चंद्र, सतीश जायसवाल, कुलदीप शिवहरे, कुलदीप सिंह, शशांक मौर्या, अमरीश , आनंद, ऋषि, अजय प्रताप आदि मौजूद रहे।