ईदुल फितर को लेकर मुस्लिम बहुल इलाकोें के साथ ही बाजारों में रौनक बढ़ गई है। कपड़ों और चूड़ी की दुकानें खरीददारों से गुलजार रहीं। जानकारों का कहना है कि ईदुल फितर रोजेदारों के लिए अल्लाह की ओर से दिया गया इनाम है। इसका मकसद गरीबों के साथ मिलकर खुशियां मनाना और भाईचारे का पैगाम आम करना है।
ईदुल फितर में अब चंद दिन ही शेष हैं। मुस्लिमों ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। बाजारों में पर्दानशीन महिलाओं की भीड़भाड़ हर तरफ नजर आने लगी है। ईद के खास पकवानों की दुकानों पर खरीद फरोख्त में अब तेजी आ गई है। मदरसा अशरफुल उलूम के मौलाना अफजलुर रहमान बताते हैं कि चांद यदि पांच जुलाई को दिख गया तो ईद छह जुलाई को होगी यदि चांद छह जुलाई को दिखा तो त्योहार सात जुलाई को मनाया जाएगा।
चूड़ी की दुकानों पर भी भीड़
ईद को लेकर चूड़ी सहित अन्य सौंदर्य प्रसाधन वाली दुकानों पर खूब भीड़ जुटी रही है। दुकानदारों का कहना है कि पारंपरिक आभूषणों को पहनने में महिलाओं को अब गुरेज होने लगा है इसलिए आर्टिफिशियल ज्वैलरी की बिक्री खूब की जा रही है।