हरदोई। नौनिहालों के स्वागत में 12 माह बाद सोमवार को जिले के करीब 2830 विद्यालय खुल गए। कहीं नौनिहालों पर फूलों की बारिश तो कहीं आरती उतारकर स्कूल की दहलीज लंघाई गई। स्कूल में उत्सव सा नजारा रहा। शिक्षकों के चेहरे भी खुशी से चमकते दिखे। आइए आपको भी दिखाते हैं कहां क्या देखने को मिला....
अनूठे स्वागत से नौनिहाल गदगद
मंगली पुरवा स्थित श्रीडाल सिंह मेमोरियल स्कूल में एक साल के बाद विद्यालय पहुंचे नन्हे-मुन्नों का विद्यालय परिवार की ओर से पुष्प वर्षा व आरती उतारकर स्वागत किया गया। इतने लंबे समय बाद पहली बार विद्यालय पहुंचे बच्चे अनूठा स्वागत देखकर बहुत खुश व उत्साहित नजर आए। प्रमुख रूप से प्रबंधक अखिलेश सिंह , मुकुल सिंह, प्रधानाचार्या लक्ष्मी देवी, भूमिका सिंह सहित बीना गुप्ता, सोनम शुक्ला, अर्पिता सिंह, रूपाली गुप्ता, रचना देवी आदि मौजूद रहे।
44 बच्चों में पहुंचे सिर्फ तीन
शहर में ऊंचाथोक के प्राथमिक विद्यालय में भी बच्चों के आगमन को लेकर स्कूल के दरवाजे खुले लेकिन निर्धारित शेड्यूल के अनुसार इस दिन 44 बच्चे बुलाए गए लेकिन मात्र तीन ही पहुंचे। शिक्षक संतोष ने बताया कि भले ही तीन छात्र स्कूल पहुंचे हो लेकिन उनके अंदर बच्चों को देखकर खुशी इतनी हुई मानों स्कूल में रौनक आ गई हो।
कुमकुम बोली, मैम कोरोना ने मुझे स्कूल से अलग किया
शहर के ही प्राथमिक विद्यालय रेलवेगंज में भी नामांकित बच्चों के सापेक्ष 50 फीसद बच्चे बुलाए गए। प्रथम दिन शिक्षिका सरिता गौतम इन बच्चों से कोरोना काल में उनके बीते दिनों के बारे में अनुभव बांटती दिखीं। बच्ची कुमकुम ने अपने तरीके से उन्हे बताया कि कोरोना काल ने उन्हें स्कूल से दूर किया, इसका खात्मा होना ही चाहिए।
अब जाके मिला स्कूल में झूले का मजा
नघेटा रोड पर स्थित शहर के ही एक स्कूल में पहुंचे बच्चों को जब झूला दिखा तो वे अपने आप को रोक नहीं पाए। उन्होंने जमकर उसका लुत्फ उठाया। हालांकि स्कूल नियमों के अनुसार उनको हाथों को सैनिटाइज बार बार करना पड़ा।
100 दिन का दिया जाए प्रशिक्षण : बीएसए
बीएसए हेमंत राव का कहना है कि उन्होंने सभी बीईओ को निर्देशित किया है कि स्कूल खुले हैं। पहले बच्चों की शिक्षा सतत का आंकलन किया जाए। उसके बाद कमजोर बच्चों को 100 दिन का उपचारात्मक प्रशिक्षण दिया जाए।