हरदोई। नवरात्र के छठे दिन बुधवार को मां कालरात्रि की पूजा अर्चना की गई। मंदिरों से लेकर घरों में पुरोहितों ने मां का पूजन कराते हुए मां भगवती के सातवें स्वरूप कालरात्रि की महिमा को बताया। कहा कि इनकी आराधना करने से भय का नाश होता है और मनोकामना पूरी होती है।
मान्यता है कि नवरात्र में मां की आराधना करने से लोगों के सभी कष्ट दूर होते हैं और लोगों को सुख शांति की प्राप्ति होती है। शास्त्रों के अनुसार, मां कालरात्रि का स्वरूप अंधकार की तरह काला है तथा इनके कंठ में चमकीली मुंडों की माला है। यह अपने भक्तों को सभी कष्टों से मुक्ति दिलाती हैं। भक्त गण देर रात तक इनकी आराधना करते हैं। यह अपने भक्तों की हर तरह से रक्षा करने वाली देवी हैं। भय दूर करने वाली, हर संकट हरने वाली और दुष्टों का नाश करने वाली देवी मां काल रात्रि की हर तरफ जयजयकार हो रही है। नवरात्र के दौरान नियम एवं संयम से सभी को मां की आराधना करनी चाहिए।
मान्यता है कि मां के सच्चे दरबार में अर्जी लगाने वालों की अरदास अवश्य पूरी होती है। सुख समृद्धि की कामना के साथ आज मां के भक्तों ने श्रद्धा और विश्वास के साथ मां की आराधना की। मां कालरात्रि को भय एवं कष्ट मोचक देवी मां के रूप में जाना जाता है।