हरदोई। शहर में ई-रिक्शा की भरमार के चलते बेपटरी हुई यातायात व्यवस्था में सुधार की कवायद तेजी से शुरू हो गई है। इसके लिए विस्तृत योजना बनाई गई है। अब हर ई-रिक्शा के लिए रूट निर्धारित किए जाएंगे। खास बात यह है कि रूट का चयन ई-रिक्शा चालक ही करेंगे। इसके लिए उनसे बाकायदा आवेदन लिया जाएगा। रूट के आधार पर किराया भी तय होगा।
अमर उजाला ने शहर में ई-रिक्शों की भरमार और कोई रूट तय न होने का मामला प्रमुखता से प्रकाशित किया था। ई-रिक्शा चालकों की मनमानी के कारण लगने वाले जाम से हो रही परेशानी का भी उल्लेख अमर उजाला ने किया था। इसको संज्ञान में लेकर एसपी केसी गोस्वामी ने योजना तैयार की है।
इस योजना के मुताबिक सभी ई-रिक्शा चालकों को अपने-अपने चौकी या कोतवाली से निशुल्क आवेदन पत्र मिलेगा। इस आवेदन पत्र में चालक से तीन रूटों के विकल्प मांगे गए हैं। आवेदन पत्रों की फीडिंग कराने के बाद इनका परीक्षण होगा। प्रयास यह होगा कि सभी रूटों पर ई-रिक्शा की संख्या समान रहे।
इसी आधार पर किराए का भी निर्धारण होगा। संबंधित रूट से अलग रूट पर ई-रिक्शा चलाते मिलने पर कार्रवाई भी होगी। ई-रिक्शा सीज किया जाएगा और चालक के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
इन परिस्थितियों में मिलेगी छूट
- घर से अपने निर्धारित रूट पर जाते समय ई-रिक्शा चालकों पर कार्रवाई नहीं होगी।
- किसी बीमार या दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाते समय भी ई-रिक्शा पर कार्रवाई नहीं होगी।
बिना अभिलेख चलाया ई-रिक्शा तो नपेंगे
आवेदन पत्र के साथ ई-रिक्शा चालक को वाहन के पंजीकरण की छायाप्रति देनी होगी। साथ ही अपने ड्राइविंग लाइसेंस की भी छायाप्रति देनी होगी। सभी अभिलेख पूरे होने पर ही वाहन चलाने की अनुमति मिलेगी। बिना अभिलेखों के किसी भी रूट पर वाहन चलाते मिले तो सीज कर दिया जाएगा।
यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए योजना बनाई गई है। पहले यह सिर्फ हरदोई शहर में लागू होगी। जनता का सहयोग मिला और योजना सफल रही तो इसे जनपद के अन्य कस्बों में भी लागू करेंगे। योजना का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं बल्कि आए दिन लगने वाले जाम की समस्या से निजात दिलाना है।
केसी गोस्वामी, एसपी