फोटो-34-संडीला का औद्योगिक क्षेत्र। संवाद
संडीला। ईरान और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध का असर स्थानीय उद्योगों पर लगातार पड़ रहा है। संडीला औद्योगिक क्षेत्र स्थित फ्लोर मिलों पर इसका बेहद खराब असर पड़ा है। दरअसल, वाणिज्यिक गैस न मिलने के कारण होटलों, रेस्टोरेंटों और बेकरियों का काम काफी घट गया है। ऐसे में आटा और मैदे की खपत में भारी गिरावट आई है। एक मोटे अनुमान के मुताबिक आटा और मैदा की लगभग 50 फीसदी खपत घटी है।
संडीला औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में फैक्टरी हैं। इन फैक्टरियों में विभिन्न उत्पादों के लिए वाणिज्यिक गैस सिलिंडर की जरूरत होती है। ईरान और इस्राइल के बीच चल रहे युद्ध के कारण वाणिज्यिक गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। आइस्क्रीम की कोन बनाने वाली फैक्टरी समेत कई फैक्टरी पिछले 10 दिन से ठप पड़ी हैं।
इससे इतर गैस की आपूर्ति न मिलने के कारण रेस्टोरेंट और बेकरी का कारोबार भी घटा है। इन स्थानों पर संडीला औद्योगिक क्षेत्र स्थित फ्लोर मिलों से आटे और मैदे की आपूर्ति होती है। केदारनाथ फ्लोर मिल के निखिल अग्रवाल बताते हैं कि उनके फ्लोर मिल से प्रतिदिन एक हजार क्विंटल आटा और मैदे का उत्पादन होता था। खपत न होने के कारण उत्पादन घटाना पड़ा और अब 500 क्विंटल मैदा और आटा ही रोज तैयार किया जा रहा है। इसी तरह सतगुरु फूड प्रोडक्शन समेत कई फ्लोर मिलों ने उत्पादन खपत न होने की वजह से घटाया है।
बारदाना के दाम भी दोगुने तक बढ़े
गणेश राइस मिल के प्रबंधक अमित भदौरिया बताते हैं कि पहले बारदाना यानी बोरियां 10 रुपये में मिल जाती थीं। युद्ध के बाद से इनकी कीमत दो गुनी हो गई है और अब 20 रुपये में बोरी मिल रही है। सतगुरु फूड प्रोडक्शन के रीतेश गुप्ता बताते हैं कि बारदाना न मिलने से भी व्यापार प्रभावित हो रहा है लेकिन बिजली और कर्मचारियों के खर्चे बने हुए हैं। व्यापारी निखिल अग्रवाल बताते हैं कि 115 रुपये प्रति किलो मिलने वाली प्लास्टिक की खाली बोरियां अब 180 रुपये में मिल रही हैं। यह भी युद्ध का ही असर है।