युवाओं व छात्रों में नशे से दूरी व ज्ञान की नजदीकी
उन्हें उज्जवल भविष्य का रास्ता प्रशस्त करा सकती है। बशर्ते युवा जब तक
लक्ष्य प्राप्ति न कर लें, तब तक पथ भ्रमित न हो। आरआर इंटर कालेज में
स्वर्ण शताब्दी समारोह के दूसरे दिन सोमवार को ठाकुर मशाल सिंह स्मृति दिवस
के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सिटी
मजिस्ट्रेट लक्ष्मीशंकर सिंह ने उक्त बात कही।
उन्होंने कहा कि सीखने
की उम्र पूरे जीवन रहती है। ज्ञानी वही है, जिसमें हमेशा सीखने की ललक रहे।
छात्रों मेें यह गुण हमेशा विद्यमान रहना चाहिए, ताकि वह अपना व अपने
परिजनों का नाम रोशन कर सके। उन्होंने जिले की धरोहर आरआर इंटर कालेज की
प्रशंसा की और कहा कि पता नहीं कितने बुद्धिजीवी इस कालेज ने तराश दिए। इसे
ऐतिहासिक धरोहर का मान मिलना ही चाहिए।
प्रबंधक कीर्ति सिंह ने कहा कि
कालेज अनुशासन के लिए हमेशा जाना जाता रहा है और इसी अनुशासन की बदौलत न
सिर्फ यह कालेज अपनी गरिमा के चलते चमक रहा है, बल्कि इससे पठन पाठन करके
निकलने वाले विद्यार्थी भी अपने अपने क्षेत्रों में हीरे की भांति चमक रहे
हैं।
इस दौरान जिला क्रीड़ाधिकारी अनिमेष सक्सेना के निर्देशन में कई
प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, जिसमें रस्सा कसी प्रतियोगिता एलटी ग्रेड व
प्रवक्ता वर्ग में हुई, जिसमें एलटी ग्रेड टीचर विजयी रहे। 100 मीटर दौड़
चार वर्गों में संपन्न हुई, जिसमें सब जूनियर में आदिल खान, अमन गुप्ता एवं
विकास गुप्ता क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहे, जबकि जूनियर
मेें सार्थक राज त्रिपाठी, अमर वर्मा एवं सुमित कुमार क्रमश: प्रथम,
द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहे।
सीनियर में विवेक वर्मा प्रथम, विनीत गुप्ता
द्वितीय एवं विनय कुमार तृतीय स्थान पर रहे। टीचर वर्ग में सुबोध तिवारी,
कौशलेंद्र तिवारी एवं डा. जमुना प्रसाद प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर
रहे। मोबाइल के उपयोग शीर्षक प्रतियोगिता में इंदभूषण सिंह, यतीश सिंह एवं
उत्कर्ष पांडे प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय रहे।
मोबाइल के दुरुपयोग पर
सबसे बेहतर बोलने वालों में शुमेंद्र सिंह को प्रथम एवं अकरम खान को
द्वितीय घोषित किया गया। सोशल मीडिया का विद्यार्थी जीवन में महत्व में
पक्ष में बोलने वालों में विनय शुक्ला प्रथम, जय सक्सेना द्वितीय एवं आयूष
मिश्र तीसरे स्थान पर रहे, जबकि विपक्ष में बोलने पर रोहित कुमार प्रथम,
एवं रोहित वर्मा को द्वितीय घोषित किया गया।
संचालन अनिल पांडे व जैनुल खान
ने किया। इस मौके पर प्रधानाचार्य वीरेंद्र सिंह राठौर, सियाराम भार्गव,
राघवेंद्र प्रताप सिंह, महेंद्र कुमार, विवेक सिंह, सतीश चंद्र प्रजापति,
राजवीर, श्याम नारायन त्रिवेदी, श्रीओम पांडे, अनिल पांडे, अनूप मिश्रा,
अरुण मिश्रा, अरविंद कुमार आदि मौजूद थे।