बावन। पर्यावरण संरक्षण और मवेशियों के चारा के दृष्टिगत किसान फसलों के अवशेष खेतों में न जलाएं। पराली को पशु आश्रयस्थलों में देकर कंपोस्ट खाद प्राप्त कर खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ाएं और भूमि में दबे व छोटे अवशेषों की खाद बनाने के लिए डी-कंपोजर का प्रयोग करें।
विकास खंड बावन सभागार में खंड स्तरीय किसान गोष्ठी का शुभारंभ ब्लॉक प्रमुख शिवा सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कहा कि किसानों को सरकार ने कई योजनाएं दी हैं। किसान आधुनिक खेती पद्धति, सह फसली और पशुपालन कर आमदनी बढ़ाएं। पर्यावरण संरक्षण और मवेशियों के चारा के दृष्टिगत किसान फसलों के अवशेष खेतों में न जलाएं। ब्लाॅक प्रमुख प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि पराली न जलाने से पर्यावरण संरक्षण के साथ ही खेत की भूमि किसान मित्र कीट भी बच जाते हैं। उप निदेशक कृषि नंद किशोर ने अनुदान पर दिए जा रहे कृषि यंत्रों, सोलर पैनल आदि की जानकारी दी। बीडीओ डॉ. रामप्रकाश ने फसल अवशेष जलाने से नुकसान और कार्रवाई की जानकारी दी। कहा कि किसान आधुनिक खेती कर प्रगतिशील बनें।
हरियावां प्रतिनिधि के अनुसार : ब्लॉक सभागार में बीडीओ निधि राठौर ने कहा कि धान की फसल तैयार होने वाली है। किसान लोग धान के अवशेष खेत में न जलाएं। ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि मुनेंद्र सिंह, पशु चिकत्साधिकारी डॉ. सजीत कुमार, राजकीय बीज भंडार प्रभारी हुकुम सिंह, भाजपा नेता निशांत सिंह समेत कई किसान मौजूद रहे।