हरदेाई। दो निरीक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज कराने के सीजेएम के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका जिला जज रीता कौशिक ने खारिज कर दी है। ऐसे में अब सामूहिक दुष्कर्म के मामले की विवेचना करने वाले दोनों निरीक्षकों ब्रजेश मिश्रा और वीरेंद्र कुमार पंकज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होना तय माना जा रहा है। वीरेंद्र कुमार पंकज इन दिनों हरपालपुर के कोतवाल हैं जबकि ब्रजेश मिश्रा अवकाश पर हैं।
बघौली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती ने दो अप्रैल 2025 को एसपी को शिकायती पत्र दिया था। इसमें बताया था कि चार साल पहले उसकी बहन की तबीयत खराब हो गई थी। घरेलू कार्याें में मदद के लिए बहनोई रजनीश उसे अपने साथ फरीदाबाद ले गए थे। आरोप था कि बहनोई की भाभी (बहन की जेठानी) प्रीती ने उसे खाने में नशीला पदार्थ दे दिया था। बेहोश होने पर जीजा रजनीश, बघौली थाना क्षेत्र के रामनगर निवासी नारेंद्र कुमार और रजनीश के बहनोई हरियावां थाना क्षेत्र के कैमापुर निवासी लालू ने उसके साथ दुष्कर्म किया। आपत्तिजनक वीडियो बनाकर फोटो भी खींच लिए थे। बाद में आरोपियों ने उसे वीडियो और फोटो वायल करने की धमकी दी थी। धमकाकर कई बार उससे दुष्कर्म किया था।
25 अप्रैल 2024 को युवती की शादी हो गई। इस पर आरोपियों ने दो लाख रुपये मांगे थे। रुपये न देने पर रजनीश ने 15 मार्च 2025 को उसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए थे। पुलिस ने रजनीश, प्रीती, नारेंद्र और लालू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। विवेचना के बाद पुलिस ने रजनीश और नारेंद्र के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
प्रीती और लालू के नाम पुलिस ने विवेचना के दौरान हटा दिए थे। आरोप पत्र स्वीकार करने के लिए सीजेएम रिचा वर्मा से पुलिस ने अनुरोध किया था। सीजेएम ने इस मामले में विवेचक रहे बघौली के प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश कुमार मिश्रा को तलब किया था। तीन तारीखें देने के बाद भी विवेचक नहीं आए तो सीजेएम ने दोनों विवेचकों ब्रजेश मिश्रा और वीरेंद्र कुमार पंकज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए थे। इसकी आख्या भी मांगी थी। इस पर पुलिस ने सीजेएम के एफआईआर के आदेश को चुनौती देते हुए जिला जज रीता कौशिक के सामने पुनरीक्षण याचिका (रिवीजन) दाखिल की थी।
इस पर जिला जज रीता कौशिक ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि रिवीजन यहां पोषणीय (मेंटिनेबल) नहीं है। सीजेएम का आदेश अंतरिम आदेश है और इसका रिवीजन जिला जज के न्यायालय में नहीं हो सकता।
सीजेएम को भेजी थी रिवीजन दाखिल किए जाने की आख्या
बीती 27 नवंबर को दो निरीक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश की अनुपालन आख्या सीजेएम ने छह दिसंबर तक मांगी थी। इस दौरान पुलिस की ओर से आख्या भेजकर कहा गया था कि मामले का रिवीजन जिला जज के न्यायालय में दाखिल किया गया है।
कब क्या हुआ
-30 अक्तूबर 2025 को आरोप पत्र में खामियां मिलने पर विवेचक को नोटिस जारी की गई।
-12 नवंबर 2025 को न्यायालय में हाजिर होने की तारीख दी गई।
-15 नवंबर 2025 तक मौजूदा विवेचक ब्रजेश मिश्रा के मेडिकल पर होने की जानकारी दी गई।
-19 नवंबर 2025 को विवेचक को बुलाया गया।
-27 नवंबर 2025 को भी विवेचक को बुलाया गया।
-27 नवंबर 2025 को विवेचक के न आने पर एफआईआर के आदेश सीजेएम ने दिए।
-छह दिसंबर 2025 तक अनुपालन आख्या सीजेएम ने मांगी।
-छह दिसंबर 2025 को जिला जज के न्यायालय में रिवीजन दाखिल हुआ।
-आठ दिसंबर 2025 को जिला जज ने रिवीजन खारिज कर दिया।