फोटो- 25- 13 अगस्त के अंक में प्रकाशित खबर।
हरदोई। मेडिकल कॉलेज की सेंट्रल लैब स्थित पैथोलॉजी का बंद पड़ा आरओ प्लांट बृहस्पतिवार को चालू हो गया।
अमर उजाला में खबर प्रकाशन के बाद हरकत में आए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पानी की किल्लत को दूर कर प्लांट शुरू कराया। इसके बाद मरीजों की 800 से अधिक लंबित रक्त नमूनों की जांच शुरू की जा सकीं। जांच होने के बाद दोपहर तक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मरीजों ने राहत की सांस ली।
पानी की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने और आरओ प्लांट में कुछ तकनीकी खराबी के चलते पैथोलॉजी को डिस्टिल्ड वाटर उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। चूंकि बायोकेमिस्ट्री मशीन से होने वाली रक्त जांचों में डिस्टिल्ड वाटर महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में बीते कुछ दिनों से जांचें ठप पड़ी थीं। इतना ही नहीं मशीन सही न होने की वजह से नए मरीजों के रक्त नमूने भी नहीं लिए जा रहे थे। इससे संबंधित
अमर उजाला के अंक में बृहस्पतिवार को ही खबर का प्रकाशन किया गया। खबर प्रकाशित होते ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मशीन को सुधरवाने की कवायद कर दी और पाइप लाइन को दुरुस्त करवा दिया। इसके बाद आरओ प्लांट फिर चालू हो गया। प्लांट शुरू होते ही रक्त नमूनों की जांच भी शुरू हो गई।
मैनेजर कुलदीप सिंह देव ने बताया कि करीब 800 मरीजों की रक्त नमूनों की जांच होने लगी है। बता दें कि जांच होने के बाद दोपहर तक रिपोर्ट भी मिलने लगी। प्रधानाचार्य डॉ. जेबी गोगोई ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में चल रहे निर्माण कार्य के चलते लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी जिसे सही करा दिया गया है।