विकलांगों को आत्म निर्भर बनाने को रविवार को उपकरण वितरण शिविर लगाया गया।
गांधी भवन में विकलांग कल्याण विभाग व वरदान चैरिटेबिल ट्रस्ट के के सहयोग
से एडिप योजना से एलिम्को द्वारा उपकरणों का वितरण किया गया। व्हील चेयर
सहित विकलांगों को ट्राई साइकिल और अन्य उपकरण डीएम द्वारा दिए गए।
डीएम
ने विकलांगों को प्रोत्साहित करते हुए शिक्षित होकर समाज व देश की उन्नति
करने को प्रेरित किया। उन्हाेंने कार्यक्रम के आयोजन को वरदान चैरिटेबिल
ट्रस्ट की सराहना भी की। कानपुर की संस्था एलिम्को व विकलांग कल्याण विभाग
द्वारा वरदान चैरिटेबिल ट्रस्ट के तत्वावधान में रविवार को विकलांगों को
व्हील चेयर, ट्राई साइकिल, वैशाखी तथा सुनने की कान मशीन का वितरण किया
गया।
गांधी भवन में आयोजित शिविर में मुख्य अतिथि डीएम रमेश मिश्र ने
कार्यक्रम की शुरुआत की। विकलांगों को प्रोत्साहित करते हुए डीएम ने कहा कि
विकलांग अपने मन में किसी प्रकार की हीन भावना न आने दें। शारीरिक
विकलांगता अलग बात है, पर यदि विकलांगता के बावजूद यदि व्यक्ति शिक्षित
हो तो वह समाज को दिशा दे सकता है।
डीएम ने वरदान चैरिटेबिल ट्रस्ट के
कार्य की सराहना करते हुए वरिष्ठ ट्रस्टी अरुणेश बाजपेयी को आयोजनों में
सहयोग की बात कही। विशिष्ट अतिथि एएसपी बीसी दुबे तथा अध्यक्षता करते हुए
न्यायमूर्ति खेमकरन ने कहा कि समाज के लोगों की यह जिम्मेदारी है कि वह
शारीरिक रूप से अक्षम और नीचे तबके के लोगों के विकास में मदद करें।
शिविर
में 443 विकलांगों को 50 लाख की कीमत के उपकरण बांटे गए। जिसमें 381 ट्राई
साइकिल और व्हील चेयरों का वितरण हुआ, जबकि शेष अन्य उपकरण आवंटित किए गए।
संचालन ट्रस्टी अतुल कपूर व धन्यवाद आलोक श्रीवास्तव ने किया।
फखरूल इस्लाम
फक्कन, अतुलकांत द्विवेदी, विकलांग विकास जन कल्याण अधिकारी श्रीराम व
एलिम्को से डा. दिवाकर ने विकलांगों को उपकरण बांटे। इस
मौके पर करुणा शंकर द्विवेदी, महेंद्र दत्त मिश्र, डा. एपी सिंह, अविनाश
चंद्र गुप्ता, आलोकिता श्रीवास्तव, संजय अग्रवाल, सरिता अग्रवाल, गिरीश
चंद्र मिश्र, वीरेश सिंह, विमलेश तिवारी आदि थे।