फोटो 15: गणना प्रपत्र के डिजिटाइजेशन के संबंध में कार्मिकों को जानकारी देते उप जिला निर्वाचन अ
हरदोई। विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची के एसआईआर (विशेष सघन पुनरीक्षण) अभियान को गति देने के लिए गणना पत्रों के डिजिटाइजेशन में और कार्मिकों को लगाया गया है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी एडीएम प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी ने सोमवार को निर्वाचन कार्यालय में कार्मिकों को गणना पत्र भरे जाने की बारीकियां समझाईं।
मतदाता सूची के एसआईआर अभियान में बूथ लेवल आफीसर के माध्यम से मतदाताओं को आयोग की तरफ मिले गणना पत्रक वितरित कराए गए हैं। गणना पत्रकों को वापस जमा किए जाने के साथ ही उनका डिजिटाइजेशन कराया जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से दिए गए एप के माध्यम से गणना पत्रक का डिजिटाइजेशन कराए जाने के लिए कार्मिकों को लगाया गया है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी ने निर्वाचन कार्यालय में गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन कराकर जानकारी दी।
कहा कि गणना पत्रक में दो प्रकार का विवरण देखने को मिलेगा, जिससे संशय में नहीं पड़ना है। एक कॉलम में मतदाता की तरफ से स्वयं से ही पूरा विवरण दिया जाएगा। जबकि साल 2003 की मतदाता सूची में मतदाता न होने वाले मतदाता माता-पिता का संदर्भ दे रहे हैं। ऐसे में दोनों कॉलम को एप पर फीड नहीं किया जाना है। सिर्फ एक कॉलम को ही फीड किया जाएगा और मतदाता की तरफ से दी गई फोटो को अपडेट कर दिया जाएगा।
-
एसआईआर के काम और गति दी गई है। एसआईआर के लिए गणना पत्रकों का वितरण करा लिया गया है, लेकिन अब उन्हें जमा कराया जाना है। जमा किए जाने वाले गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन कराया जा रहा है। डिजिटाइजेशन का काम भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से दिए गए एप पर ऑनलाइन किया जा रहा है। उसी के संबंध में कार्मिकों को पत्रक पर दिए गए कॉलम को भरे जाने और स्वयं और माता-पिता का संदर्भ देने वाले मतदाता के विवरण को फीड किए जाने की जानकारी दी गई है।
- प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी
-एसआईआर में लगे अधिकारी-कर्मचारी मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे
हरदोई। विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण अभियान में लगे अधिकारी-कर्मचारी मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी एडीएम प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशन के मतदाता सूची का विशेष सघन पुनरीक्षण चल रहा है। पुनरीक्षण के दृष्टिगत प्रक्रिया में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को आदेशित किया गया है कि वह बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। अधिकारी और कर्मचारी को मुख्यालय छोड़ने के लिए पर्याप्त साक्ष्य के साथ जिला निर्वाचन अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति के मुख्यालय छोड़ने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। (संवाद)