हरदोई। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं भगवान भरोसे हैं। मरीजों को जरूरी सेवाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
मेडिकल कॉलेज में एक्सरे की डिजिटल मशीन बीते दो सालों से खराब है और पोर्टेबल मशीन से काम चलाया जा रहा है। मंगलवार को इस मशीन ने भी काम करना बंद कर दिया है। एक्सरे कराने के लिए सुबह से ही इमरजेंसी और ओपीडी के मरीजों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। मशीन खराब होने से मरीजों को वापस लौटा दिया गया या फिर उन्हें निजी पैथोलॉजी से एक्सरे कराने की सलाह दी गई।
मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें इसके लिए शासन ने जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की है, लेकिन मेडिकल कॉलेज के जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते मरीजों को सहूलियत नहीं मिल रही है। जिला अस्पताल में एक्सरे के लिए दो वर्ष पहले डिजिटल मशीन लगवाई गई थी। मशीन से कुछ ही दिन काम लिया जा सका और वह खराब हो गई। इसके बाद से मशीन दोबारा सही नहीं कराई गई और पोर्टेबल मशीन से ही काम चलाया जा रहा था। अब मंगलवार को इस मशीन ने भी काम करना बंद कर दिया। एक्सरे कराने आने वाले मरीजों को बैरंग वापस कर दिया गया। वहीं, ओपीडी और इमरजेंसी के मरीजों को निजी पैथोलॉजी में एक्सरे कराने की सलाह दी गई।
एक्सरे की डिजिटल मशीन तो फिलहाल सही नहीं हो पाएगी, इसको लेकर जिम्मेदारों की ओर से कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। हालांकि, पोर्टेबल मशीन के बुधवार तक सही होने की संभावना जताई जा रही है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जेके वर्मा ने बताया कि इंजीनियर को सूचित कर दिया गया है। वह बुधवार को आएंगे, उनके आने पर मशीन सही हो जाएगी, संभवत: बुधवार दोपहर तक या फिर बृहस्पतिवार तक एक्सरे होने केस -1- टोडरपुर ब्लॉक के पनेऊरा बललीया निवासी गुलवीर के हाथ में फ्रैक्चर होने पर वह हड्डी वाले डॉक्टर को दिखाने के लिए आए, उन्हें चिकित्सक ने एक्सरे कराने की सलाह दी। मशीन खराब होने से उन्हेंं निजी अस्पताल से एक्सरे कराने जाना पड़ा। इसको लेकर वह काफी परेशान नजर आए।
केस-2- अहिरोरी के शुक्लापुर डिघिया के मजरा आलादादपुर निवासी राजू के पैर की हड्डी टूट गई थी। चिकित्सक ने एक्सरे निकलवाकर लाने की सलाह दी, लेकिन अब एक्सरे रूम के बाहर पहुंचा तो वहां मशीन खराब होने का पोस्टर चस्पा पाकर मायूस होकर लौट गए। उन्होंने कहा कि एक्सरे तो कराना ही पड़ेगा अब निजी लैब से ही एक्सरे कराना होगा।
केस-3- सांडी की रौरा निवासी बालिका माही के पैर में भी चोट लग जाने से काफी सूजन आई थी। चिकित्सक को दिखाने पर उन्होंने भी एक्सरे की सलाह दी, लेकिन उनको भी एक्सरे रूम तक आकर वापस बैरंग लौटना पड़ा।