कर्मियों के देयकों, वेतन, मानदेय आदि के भुगतान में
होने वाले विलंब को रोकने एवं विभागीय कामकाज के सभी पटलों के कार्यों की
आनलाइन मानीटरिंग को शुरू हुआ दर्पण कार्यक्रम अब कर्मियों के लिए विभागीय
कामकाज का आइना बनेगा।
कर्मियों की वित्तीय संबंधी शिकायतों एवं समस्याओं
के समाधान के लिए शुरू हुआ दर्पण कार्यक्रम को अब विस्तार दिया जा रहा है। राजस्व
विभाग के बाद अब स्वास्थ्य विभाग को दर्पण से जोड़ने की तैयारी हो रही है।
दर्पण कार्यक्रम सेवारत तथा सेवानिवृत्त कर्मियों के मासिक वेतन, मानदेय,
पेंशन, जीपीएफ एवं अन्य देयों के भुगतान की प्रक्रिया को आनलाइन मानीटरिंग
करने का कार्यक्रम है।
प्रशासन की मंशा है कि कर्मियों के भुगतान से
संबंधित पटल/कार्यालय की कार्यप्रणाली में शत प्रतिशत पारदर्शिता व
समयबद्धता सुनिश्चित होने के साथ ही कर्मियों को समय से देयकों का भुगतान
दिलाना है। इसके लिए जिले की सरकारी वेबसाइट से दर्पण को लिंक किया जाएगा।
देयक भुगतान के लिए समय सीमा निर्धारित कर विभागों के पटलों के साथ ही
कोषागार को भी कार्यक्रम से जोड़ा गया है। दर्पण के प्रभारी सुदेश शुक्ला
ने बताया कि राजस्व विभाग को जोड़ा जा चुका है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों
को जोड़ा जा रहा और आशा बहुओं को जोड़ने की तैयारी है।
इसके बाद सफाई
कर्मियों सहित कई विभागों को दर्पण से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस
कार्यक्रम से कर्मचारियों के वित्तीय देयकों को लेकर सभी पटलों के कार्य
आनलाइन है। कब किस पटल से क्या कार्य किया गया और कब भुगतान हुआ इसकी
जानकारी आनलाइन रहेगी।
कार्यों में विलंब होने पर जवाब देना होगा कि आखिर
विलंब क्यों हुआ। उन्होंने बताया कि डीएम रमेश मिश्रा के निर्देशन में चल
रहे इस कार्यक्रम के अच्छे परिणाम सामने आए हैं। उधर, डीएम रमेश मिश्रा ने
कर्मियों के देयकों का भुगतान समय से सुनिश्चित कराने को आनलाइन मानीटरिंग
कार्यक्रम दर्पण शुरू कराने के साथ वित्तीय जांच समिति का भी गठन किया है।
यह
समिति कर्मचारियों के देयकों के संबंध में आने वाली शिकायतों की जांच कर
डीएम को रिपोर्ट भेजेगी और देयकों संबंधी शिकायतें सही पाने पर कार्रवाई की
व्यवस्था की गई है।