लाइन ठीक न होने से दो नलकूप ठप, सिंचाई के लिए किसान परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
बेहटागोकुल। क्षेत्र के नलकूप संख्या 73 और 76 पंद्रह साल बंद हैं। जिससे करीब 500 एकड़ से अधिक खेतों की सिंचाई के लिए किसानों को निजी संसाधनों पर निर्भर होना पड़ रहा है। नलकूपों के बंद होने के कारणों में विद्युत लाइन का ठीक न हो पाना है।
विकास खंड टाेडरपुर के सुरजीपुर गांव में 500 एकड़ सिंचित क्षमता वाले दो नलकूप संख्या 73 और 76 लगे हैं। किसानों ने बताया कि करीब 15 साल पहले तक शाहबाद विद्युत उपकेंद्र इन दोनों नलकूप को बिजली आपूर्ति मिलती थी और संचालित होते थे। जिसके बाद बेहटागोकुल में 33 केवीए क्षमता का उपकेंद्र स्थापित हो गया। जिससे यह दोनों नलकूप बेहटागोकुल उपकेंद्र के दायरे में आ गए। बारी गांव में स्थापित नलकूप से करीब 1,500 मीटर विद्युत लाइन जर्जर है, लेकिन उसे बदला नहीं गया। जिससे यह दोनों नलकूप ठप हो गए।
किसान अमरेश सिंह, भानू, श्याम सिंह आदि ने बताया पहले लाइन में थोड़ी खराबी थी और धीरे-धीरे खंभों के तार भी उतर गए। जिससे करीब 15 साल से दोनों नलकूप बंद हैं। बताया कि उन लोगों के साथ क्षेत्र के किसानों ने विधायक से लेकर विभागीय अधिकारियों से शिकायत की। कई सालों तक खूब दौड़भाग की, लेकिन आश्वासन के आलावा कुछ नहीं मिला। काम न होने से किसानों में निराशा है। किसानों को खेतों की सिंचाई पंपसेट आदि निजी संसाधनों से करनी पड़ती है, जिससे फसलों की लागत बढ़ जाती है। नलकूप संचालित होने से किसानों मुफ्त सिंचाई योजना का लाभ मिलने लगेगा। प्रधान सुनील सिंह ने बताया कि विधायक और अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बिजली विभाग के एसडीओ करुण प्रताप सिंह ने बताया कि मामला काफी पुराना है। सिंचाई विभाग की ओर से लिखित शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद ही सर्वे और एस्टीमेट की प्रक्रिया पूरी कराते हुए लाइन को सही कराया जा सकता है।