चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती पर लगे प्रतिबंध
को हटाए जाने की मांग सहित 22 सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश चतुर्थ
श्रेणी कर्मचारी महासंघ की जनपदीय शाखा के पदाधिकारियों और कर्मियों द्वारा
सोमवार को कलक्ट्रेट परिसर में जमकर प्रदर्शन किया गया तथा मुख्यमंत्री को
संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंप कर कार्रवाई की मांग की गई।
प्रदेश
उपाध्यक्ष और जिलाध्यक्ष यशवंत सिंह तोमर ने कहा कि चतुर्थ श्रेणी समूह घ
के कर्मचारियों की सीधी भर्ती की जाए तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की
भर्ती पर लगा प्रतिबंध तत्काल हटाया जाए।
उन्होंने कहा कि चतुर्थ श्रेणी के
पदों पर संविदा तथा आउट सोर्सिंग पर नियुक्तियां तत्क ाल बंद करने और अब
तक संविदा व आउट सोर्सिंग के माध्यम से रखे गए कर्मचारियों का ठेकेदारों से
भुगतान न कराकर विभागों द्वारा भुगतान कराने सहित इन्हें नियमित कराए जाने
की भी मांग महासंघ काफी समय से कर रहा है।
इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक
तिवारी ने कहा कि नई पेंशन नीति एवं भविष्य निधि के शासनादेश का समाप्त
करते हुए पुरानी पेंशन एवं भविष्य निधि के शासनादेश को बहाल किया जाए। इस
दौरान पदाधिकारियों व कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी की तथा
22 सूत्रीय ज्ञापन मुख्यमंत्री को संबोधित जिलाधिकारी को सौंप
कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में उक्त के अलावा चतुर्थ
श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्त आयु 62 वर्ष करनेे, पूर्व माध्यमिक
परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत स्नातक व परास्नातक चतुर्थ श्रेणी
कर्मचारियों को सेवारत प्रशिक्षण दिलाकर सहायक टीचर नियुक्त करने समेत कई
मांगे शामिल हैं।
इस मौके पर जिला महामंत्री अखिलेश शुक्ला, नरेश चंद्र
यादव, पूरन लाल, रामचरन, ब्रज किशोर यादव, उदयराज सिंह, अनवारूल हक, शेर
मोहम्मद, राजेंद्र कुमार, मंशाराम, मोहन सिंह आदि मौजूद थे।