हरदोई। सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों का असर सर्राफा बाजार पर दिखने लगा है। महंगे होते सोने के जेवरों की जगह अब महिलाएं और युवतियां हल्के वजन वाले गहनों को तरजीह दे रही हैं जबकि रोज पहनने के लिए आर्टिफिशियल ज्वेलरी को अधिक पसंद किया जा रहा है। ऐसे में जहां सोने चांदी के खरीदारी में कमी आई है वहीं आर्टिफिशियल गहनों के कारोबार में तेजी देखने को मिल रही है।
बीते कुछ महीनों में सोने-चांदी के दाम जिस रफ्तार से बढ़े हैं उसने आम आदमी के बजट को पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है। ज्वेलरी शोरूम के संचालकों का कहना है कि पहले जो ग्राहक शादियों के लिए भारी सेट बनवाया करते थे वे अब बजट सीमित होने के कारण हल्के वजन के नेकलेस, चेन और अंगूठियों की मांग कर रहे हैं। ऊंचे दामों के चलते पारंपरिक गहनों की बिक्री में करीब 30 से 40 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।
बता दें कि 19 जुलाई को 24 कैरेट सोने का रेट 1,41,290 रुपये है जबकि 22 कैरेट का दाम 1,29,500 रुपये और 18 कैरेट में 1,05,700 रुपये है। इसी प्रकार चांदी का रेट करीब 2.15 लाख रुपये प्रति किलोग्राम चल रहा है। ज्वेलर्स अमित गुप्ता ने बताया कि इस बार शादी के सीजन में भी लोगों की मांग हल्के वजन के जेवरों की रही। ज्वेलरी निर्माता भी अब ऐसी डिजाइन तैयार कर रहे हैं जो देखने में भारी लगती हैं लेकिन उनका वजन कम होता है।
50 प्रतिशत बढ़ा आर्टिफिशियल गहनों का कारोबार
कॉस्मेटिक दुकानों पर बीते कुछ महीनों में आर्टिफिशियल ज्वेलरी की बिक्री में बढ़ोतरी देखी गई है। दुकानदार सोनू देवल का कहना है कि जहां पहले ग्राहक सोने की अंगूठी, चेन और झुमके खरीदते थे वहीं अब कम बजट में आकर्षक डिजाइन वाले आर्टिफिशियल सेट, नेकलेस, कंगन और ईयर रिंग्स की मांग बढ़ गई है। नई डिजाइन और कम कीमत के कारण युवतियों में इनका विशेष आकर्षण देखा जा रहा है। बाजार में वन ग्राम गोल्ड, एंटीक पोलकी, कुंदन और कोरियाई ज्वेलरी की भारी डिमांड है। बताया कि आर्टिफिशियल ज्वेलरी 100 रुपये से शुरू होकर 1500 रुपये तक मिलती है। 1000 रुपये से अधिक कीमत की ज्वेलरी पर तो हाफ रेट पर वापसी और एक्सचेंज का ऑफर भी है।
फोटो- 26- ज्वैलर्स की दुकान पर गहनों की खरीदारी करते लोग। संवाद
फोटो- 26- ज्वैलर्स की दुकान पर गहनों की खरीदारी करते लोग। संवाद