हरदोई। विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दूसरे चरण में नोटिस पर जवाब देने के लिए लोगों ने परिवार रजिस्टर की नकल जुटानी शुरू की है। खुद को मतदाता साबित किए जाने के लिए लोगों ने परिवार रजिस्टर की नकल के आवेदन करने शुरू किए हैं। निकायों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक के लोगों ने आवेदन किए हैं।
एसआईआर अभियान के दूसरे चरण में नो मैपिंग वाले करीब 2.26 लाख मतदाताओं को नोटिस दिए जाने शुरू किए गए हैं। नोटिस पर सात दिन के अंदर साक्ष्य सहित जवाब मांगे गए हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने साक्ष्य में परिवार रजिस्टर की नकल को मान्यता दी है जिससे नो-मैपिंग की श्रेणी में आए लोगों ने साक्ष्य जुटाने के लिए साल-2003 की मतदाता सूची में खुद के नाम सहित माता-पिता, दादा-दादी के नाम न होने की स्थिति में संबंधित क्षेत्र में मकान होने के चलते परिवार रजिस्टर की नकल जुटानी शुरू की है।
नोटिस पर बतौर साक्ष्य लगाए जाने के लिए लोगों ने ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों के कार्यालयों में नकल दिए जाने के लिए आवेदन देने के साथ ही ऑनलाइन भी आवेदन शुरू किए हैं। आवेदनों की संख्या देखते हुए परीक्षण के बाद नकल समय से जारी किए जाने की व्यवस्था दी गई है।
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आवेदनों पर जांच-पड़ताल करते हुए समय से परिवार रजिस्टर की नकल दिए जाने की जिम्मेदारी पंचायत सचिवों को सौंपी गई है। सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिवालय में परिवार रजिस्टर हार्डकॉपी में उपलब्ध हैं। वहीं, परिवार रजिस्टर का डिजिटल ब्योरा भी उपलब्ध है। -विनय कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी