तहसील क्षेत्र के कटरा-बिल्हौर हाईवे पर स्थित
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर संसाधनों की कमी के चलते भर्ती मरीज और
तीमारदाराें को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा, वहीं विद्युत आपूर्ति कई
दिनों से ठप होने से प्रसव आदि टार्च की रोशनी का सहारा लेकर कराने पड़ते
हैं।
सीएचसी मेेें 22 जुलाई को जननी सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती
महिलाओं को प्रसव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने भर्ती व्यवस्था शुरू कराई।
इससे ग्रामीण इलाकाें की गर्भवती महिलाओं को काफी सहूलियत मिली। मात्र 13
दिनों में स्वास्थ्य कर्मियों ने 34 प्रसव कराए, जिसमें जच्चा-बच्चा सभी
स्वस्थ हैं।
इनमें ग्रामीण आशाओं का भी काफी योगदान रहा। एंबुलेंस से प्रसव
से पूर्व व बाद में भर्ती मरीजाें को नि:शुल्क घर लाने-वापस भेजने की
व्यवस्था है। यहां विद्युत आपूर्ति को लगा ट्रांसफार्मर फुंकने से इंवर्टर
चार्ज नहीं हो पा रहे, जिससे दिन व रात मरीजों और तीमारदारों को गर्मी और
अंधेरे से जूझना पड़ता है।
डाक्टरों की मांग के बाद भी यहां विभाग ने
जनरेटर नहीं भेजा, जिससे महिला कर्मियों को रात मेें प्रसव कराने को
इमरजेंसी लाइट व टार्च का सहारा लेना पड़ रहा है। उधर, अस्पताल में
गर्भवती महिलाओं की खून की जांच नि:शुल्क होने से भीड़ बढ़ रही है। टीबी के
मरीजों के इलाज को पैथालोजी भी चालू हो गई है।
लैब टेक्नीशियन बच्चूलाल व
आकाश बाजपेयी ने बताया कि खून की सामान्य सभी जांचे यहां की जा रही हैं।
यहां कार्यरत वार्ड आया उमा का तबादला लखनऊ होने के बाद इस पद पर किसी की
तैनाती नहीं की गई है। इस बाबत हरपालपुर के चिकित्साधीक्षक डा. आनंद पांडे
ने बताया संसाधनों की कमी के बारे में अफसरों को बताया जा चुका है।
वहीं
सीएमओ डा. वीके गुप्ता ने बताया कि सीएचसी में प्रसव के उपरांत लाभार्थ्यों
को 1400 रुपये का भुगतान सीएचसी हरपालपुर से कराया जाएगा। उन्हाेंने
अस्पताल में एक स्टाफ नर्स को तैनात करने के साथ कर्मियों को सावधानी से
कार्य करने की बात कही।