देश को आजाद करने को स्वतंत्रता सेनानियों ने
महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उस आजादी को बनाए रखने में शरहदों पर सैनिक
शहीद हुए। फिर भी जिले में स्वतंत्रता सेनानी और शहीदों को सम्मान नहीं
दिया जा रहा। उनकी प्रतिमा स्थापित करने में महती भूमिका नहीं निभाई जा
रही।
पत्रकारों को जानकारी देते हुए यह बात आप और हम चेतना मंच के
प्रमुख व पूर्व विधायक लालन शर्मा ने कही। उन्होंने कहा कि शहीदों के
सम्मान में नौ अगस्त को रैली निकाली जाएगी और नीर में श्रद्धांजलि सभा भी
होगी। शर्मा ने बताया कि जिले ने स्वतंत्रता सेनानी व शहीद सैनिकों के
शौर्य को भुला दिया।
टड़ियावां ब्लाक के ग्राम नीर निवासी अशोक चक्र से
सम्मानित शहीद कर्नल हर्ष उदय सिंह गौर आतंकवादियों से मोेर्चा लेते हुए
शहीद हुए थे। जिसके बाद बिहार रेजीमेंट उनकी प्रतिमा जिले में लगाना चाहती
है और सोल्जर बोर्ड चौराहा उचित स्थान है, पर प्रशासन ने उनकी प्रतिमा के
लिए स्थान देने से मना कर दिया।
चंद्र उदय सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता
सेनानी ठाकुर निरंजन देव सिंह ने भारत छोड़ो के नारे के साथ आजादी की लड़ाई
शुरू की और स्वतंत्रता के बाद जिला पंचायत के प्रथम अध्यक्ष बने, पर उनकी
प्रतिमा जिला पंचायत में वीराने में रखी हुई है, जिसकी सफाई तो दूर
लोकार्पण भी नहीं हुआ।
उनकी प्रतिमा स्थापना को कई वर्षों से संघर्ष हो
रहा, पर धनराशि आने के बाद भी प्रतिमा नहीं लगी। उनकी आदमकद प्रतिमा जिला
पंचायत में लगाई जाए। मंच के पूर्व प्रमुख ठाकुर सर्वाधार सिंह ने कहा कि
स्वतंत्रता सेनानी पंडित रघुनंदन प्रसाद शर्मा की प्रतिमा भी जिला पंचायत
के अग्रभाग में लगाई जाए।
कहा कि प्रशासन शहीदों का सम्मान करने में
आनाकानी कर रहा, ऐसे में नौ अगस्त को क्रांति दिवस के दिन शहीद उद्यान से
रैली निकाली जाएगी जो नीर गांव में समाप्त होगी और वहां श्रद्धांजलि सभा
होगी। जिसमें तीनों शहीदों को उनके त्याग व बलिदान के लिए श्रद्धांजलि दी
जाएगी। इस मौके पर राजेश सिंह, कमलेश पाठक, सुख सागर मिश्र मधुर, पारुल
दीक्षित, अवनिकांत बाजपेयी, अनिल सिंह वीरू और धर्मेंद्र सिंह सोमंवशी आदि
मौजूद थे।