फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरहद पर शहीद हो गया जिले का लाल

Tue, 02 May 2017 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
विज्ञापन
सियाचीन में शहीद हुए जिले के राजीव कुमार सिंह फाइल फोटो। - फोटो : amarujala
विज्ञापन
शाहाबाद/हरदोई। जिले के लाल ने सोमवार को देश की रक्षा में अपनी जान न्योछावर कर दी। सियाचिन में माइनस 11 डिग्री तापमान में तैनात मिठनापुर गांव के राजीव कुमार ने आक्सीजन ने मिलने के कारण दम तोड़ दिया। दोपहर बाद आर्मड कोर से फोन पर परिजनों को शहीद होने की सूचना दी। मंगलवार शाम शहीद का पार्थिव शरीर पैतृक गांव लाया जाएगा।  
विज्ञापन


शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव मिठनापुर निवासी राजीव कुमार सिंह आर्मड कोर में पिछले 14 वर्षों से तैनात थे और देश की रक्षा करते आ रहे थे और भारत माता के प्रति अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर रहे थे।

  पिछले दो सालों से वह  सियाचीन में ड्यूटी कर रहे थे। शहीद के भाई रिटायर्ड फौजी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि दोपहर बाद उनके मोबाइल फोन पर कोर से सूचना दी गई कि उनका भाई अब इस दुनिया में नहीं है देश के नाम वह अपनी जान को कुर्बान कर गए।
विज्ञापन


उनका पार्थिव शरीर मंगलवार की शाम तक कोर की टुकड़ी उनके गांव लेकर पहुंचेगी। उनकी मृत्यु आक्सीजन की कमी के चलते होना बताया गया है। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने के बाद उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। वह अपनी 90 वर्षीय बूढ़ी मां शांति देवी को तक को यह ह्दयविदारक सूचना देने के लिए अब तक अपना कलेजा मजबूत नहीं कर पाए लेकिन उन्होंने शहीद भाई की पत्नी मधु जो कि इन दिनों अपने इकलौते बेटे आयुष सिंह के साथ लखनऊ में है।

उसे फोन पर उसके पति की हालत गंभीर होने की खबर दे सका है और उसे गांव बुला लिया है। वह लखनऊ के विकास नगर में रहकर बेटे आयुष को सीएमएस में पढ़ा रही है। रूंधे गले से भाई ने इतना ही कहा कि उसे खुद नहीं मालूम की मंगलवार को होने क्या वाला है लेकिन उसका भाई इस दुनिया में नहीं रहा और यह जानकर उसकी मां और उसकी पत्नी व बेटे पर क्या गुजरेगी उसको इसका भी अनुमान नहीं।

इधर गांव के सपूत के शहीद होने की सूचना से हर बाशिंदे की आंखे नम हो गई लेकिन उनकी बूढ़ी मां को कु छ पता न चल जाए इसलिए गांव वाले शहीद के चबूतरे पर देर शाम तक एकत्र नहीं हुए। शहीद राजीव कुमार सिंह सात भाइयों में सबसे छोटे थे।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें