फोटो-45-फैक्ट्री गेट के बाहर धरने पर बैठे भाकियू अवध के जिलाध्यक्ष कदीर पहलवान। संवाद
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संडीला। औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक चिलर प्लांट के डीसीएम चालक की लखनऊ में रविवार आधी रात दुर्घटना में मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद लखनऊ से शव लेकर आए परिजनों ने सोमवार शाम प्लांट के गेट पर शव रखकर हंगामा कर दिया। मृतक के परिजन दस लाख रुपये का मुआवजा दिलाने की मांग पर अड़े रहे। भाकियू (अवध) के पदाधिकारियों ने भी गेट पर धरना दिया।
संडीला कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मुरारनगर निवासी संजय (30) पुत्र राम दुलारे संडीला औद्योगिक क्षेत्र में संचालित एक चिलर प्लांट में डीसीएम चालक था। रविवार रात प्लांट से दूध लेकर डीसीएम से लखनऊ जा रहा था। लखनऊ हरदोई मार्ग पर लखनऊ के मलिहाबाद थाना क्षेत्र में गढ़ी जिंदौर के पास पीछे से ट्रक ने डीसीएम में टक्कर मार दी। डीसीएम आगे चल रही मिट्टी भरी ट्रैक्टर ट्राली से टकरा गई। हादसे में डीसीएम चालक संजय की मौके पर ही मौत हो गई। लखनऊ पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। सोमवार शाम संडीला पहुंचे परिजनों ने शव चिलर प्लांट के गेट पर रख दिया और मुआवजे की मांग करने लगे। मृतक के भांजे दिलीप का आरोप है कि प्लांट के किसी भी जिम्मेदार ने दुर्घटना के बारे में न तो कोई जानकारी ली और न ही सहानुभूति जताई। दिलीप ने कहा कि संजय के परिवार में पत्नी और दो छोटे छोटे बच्चे हैं। कम से कम दस लाख रुपये की आर्थिक मदद परिवार को देनी चाहिए। हंगामे की सूचना पर भाकियू अवध के अध्यक्ष कदीर पहलवान भी वहां पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। कताई चौकी मिल प्रभारी अनिल सक्सेना पुलिस बल के साथ मौके पर परिजनों को समझाने का प्रयास किया।
फोटो-43-फैक्ट्री गेट पर मृतक के परिजनों को समझाते कताई मिल चौकी प्रभारी अनिल सक्सेना व अन्य। संवाद- फोटो : HARDOI
फोटो-44-फैक्ट्री गेट के बाहर मौजूद मृतक के परिजन। संवाद- फोटो : HARDOI