हरदोई। जनपद में किसानों को डीएपी के लिए भटकना पड़ रहा है। प्रशासन का दावा है कि डीएपी की कोई कमी नहीं है और सहकारी समितियोें पर डीएपी उपलब्ध है। प्रशासन के इस दावे की पोल सहकारी समितियों पर लगने वाली किसानों की लाइन खोल देती है। किसानों को टोकन तो दे दिए जाते हैं लेकिन तय समय पर खाद नहीं मिल पाती। किसानों की मुसीबत तब और बढ़ जाती है जब किसी सूचना के बिना ही सहकारी समिति पर ताला लगा दिया जाता है और सचिव फोन नहीं उठाते। जिले भर में डीएपी को लेकर चल रही मारामारी पर पेश है एक रिपोर्ट ...
हर्रई के सचिव फिर पड़ गए बीमार, टड़ियावां में भीड़ देख वितरण से इन्कार
टड़ियावां विकास खंड में साधन सहकारी समिति टड़ियावां का कार्यालय थाने के पास ही है। यहां सुबह सात बजे से ही तकिया कपूरपुर के राम बक्श, कंचनपुरवा के इंद्रपाल समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे। लगभग 11 बजे समिति के सचिव पहुंचे। खाद का वितरण करने से सचिव सुरेश राठौर ने हाथ खड़े कर दिए। कहा कि खाद कम है और किसान ज्यादा। यहां हंगामा हो जाएगा। फिर बोले कि समिति के अध्यक्ष आएं तो उनके सामने ही वितरण करा पाएंगे। ऐसे में यहां सुबह से मौजूद किसान मायूस हो गए। हर्रई में संचालित साधन सहकारी समिति अयारी का तो ताला ही बृहस्पतिवार को नहीं खुला। सचिव नसीम से बात की गई तो बोले कि बीमार हैं, इसलिए ताला नहीं खोला। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि यूरिया वितरण के दौरान भी नसीम कई दिन तक बीमार रहे थे और खाद का वितरण नहीं किया गया था।
डीएपी नहीं है, एनपीएस ले जाओ
साधन सहकारी समिति असमधा का संचालन सहजनपुर में होता है। यहां के सचिव राजीव कुमार ने बताया कि डीएपी स्टॉक में ही नहीं है। इस कारण एनपीएस का वितरण किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को भी स्टॉक में उपलब्ध 123 बोरी एनपीएस के सापेक्ष 70 बोरी का वितरण दोपहर डेढ़ बजे तक किया गया। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही डीएपी भी मिल जाएगी। बिलग्राम में पीसीएफ का केंद्र है। केंद्र प्रभारी अवध बिहारी ने बताया कि चार दिन से डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है। किसानों को एनपीके का वितरण किया जा रहा है। बोले कि जब डीएपी है ही नहीं तो बांटें कहां से। जब मिलेगी तब बांटेंगे। हरपालपुर क्षेत्र में खाद वितरण के तीन केंद्र हैं। तीनों ही गोदामों में एनपीके और एनपीएस भरी है। ककरा स्थित पीसीएफ केंद्र में डीएपी नहीं है। प्रभारी भूप सिंह ने बताया कि किसान एनपीके लेने को तैयार नहीं हैं। पलिया साधन सहकारी समिति के सचिव हरिमोहन सिंह का दावा है कि 300 बोरी डीएपी और 250 बोरी एनपीएस उपलब्ध है।
300 बोरी डीएपी के लिए कतार में 1500 किसान, टोकन हाथ में फिर भी निराशा
हरपालपुर साधन सहकारी समिति पर खाद वितरण होने की सूचना पर किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। यहां 300 बोरी डीएपी उपलब्ध थी लेकिन किसान 1500 पहुंच गए। खसौरा के ब्रजेंद्र कुमार दिव्यांग हैं। बताया कि तीन दिन से टोकन लेकर सुबह सात बजे आ जाते हैं पर खाद नहीं मिल पाई। ज्यूरी चंद्रमपुर के श्यामवीर बताते हैं कि तीन दिन से सुबह छह बजे डीएपी लेने के लिए लाइन में लग जाते हैं। टोकन होने पर भी खाद नहीं मिल पा रही। बर्रा के अजयवीर खाद लेने आए थे लेकिन उन्हें 10 नवंबर का टोकन पकड़ा दिया गया। समिति के सचिव प्रभात कुमार ने बताया कि तीन नवंबर को जो टोकन जारी किए गए थे, उनको ही डीएपी वितरित की गई है।
300 बोरी खाद, बांटी 100 बोरी, टोकन भी नहीं दे रहे
करीमनगर में बहुउद्देशीय साधन सहकारी समिति है। समिति के बाहर मिले छतैया निवासी रामस्वरूप ने बताया कि एक सप्ताह से चक्कर लगा रहे हैं। न तो डीएपी मिल रही है और न ही डीएपी के लिए टोकन। टोकन के मामले में बकहिया निवासी पृथ्वीराज बृहस्पतिवार को खुशनसीब निकले। आज चौथे दिन टोकन मिल पाया है। अब देखो खाद भी मिल जाए तो ठीक रहे। सचिव राजीव कुमार का दावा है कि 300 बोरी डीएपी उपलब्ध है। 100 बोरी का वितरण किया गया है। टोकन के आधार पर शुक्रवार को भी वितरण करेंगे।
... ताला पड़ा मिला, डीएपी का कौन बताए
संडीला ब्लॉक मुख्यालय के पीछे बहुउद्देशीय ग्रामीण सहकारी समिति का केंद्र है। यहां सुबह 11 बजे ताला लगा था। बेगमगंज के तेजपाल मौजूद मिले। बताया कि दो दिन से डीएपी के लिए आ रहे हैं लेकिन खाद नहीं मिल रही। अब बृहस्पतिवार को आए तो ताला लगा मिला। हरदोई रोड पर क्रय विक्रय समिति के केंद्र में पिछले ढाई माह से ताला नहीं खुला। प्रभारी अतुल सिंह ने बताया कि डीएपी नहीं मिली है। उन्नाव रोड पर कृभको के केंद्र पर किसानों की लंबी कतार खाद के लिए लगी थी। प्रभारी अनुज तिवारी ने बताया कि एक सप्ताह बाद आज 900 बोरी डीएपी खाद मिली है। इसका वितरण कराया जा रहा है।
हैबतपुर निवासी सुनीता बिलग्राम के पीसीएफ केंद्र में डीएपी लेने गई थीं। तीन दिन से दौड़ रही थीं। थक हारकर एनपीके ले ली। आरोप तो यह भी है कि डीएपी मिलना मुश्किल है कहकर एनपीके थमा दी गई।
पूछा सवाल, एक घंटे में खुला ताला, डीएपी भी बटी
बेहटा गोकुल सहकारी समिति के पास 15 मीट्रिक टन डीएपी और 20 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। यह आंकड़े जिला मुख्यालय से बताए गए थे। इसके बावजूद समिति पर ताला पड़ा था और वितरण नहीं हो रहा था। संवाद न्यूज एजेंसी ने सचिव अशोक सिंह से सवाल किया तो बोले कि तबीयत खराब थी। इसके कुछ देर बाद ही यहां ताला खुल गया और किसानों को डीएपी का वितरण भी किया गया।
कृभको केंद्र पर खाद लेते किसान संडीला
कृभको केंद्र पर खाद लेते किसान संडीला
कृभको केंद्र पर खाद लेते किसान संडीला
कृभको केंद्र पर खाद लेते किसान संडीला
कृभको केंद्र पर खाद लेते किसान संडीला
कृभको केंद्र पर खाद लेते किसान संडीला
कृभको केंद्र पर खाद लेते किसान संडीला