पिहानी। कस्बे के मोहल्ला लोहानी स्थित मदरसा रहमानिया में चार बच्चों का हिफ़्जे कुरान मुकम्मल होने पर जलसे में दस्तारबंदी की गई।
जलसे में मौलाना अफजलुर्रहमान ने कहा कि कुरान पढ़ लेने भर से दुनिया और आख़िरत नहीं संवरने वाली, बल्कि कुरआनी तालीमात पर अमल करना भी जरूरी है।
तिलावत-ए-कुरान से शुरू हुए जलसे में मुख्य अतिथि प्रसिद्ध दीनी वक्ता मौलाना अफजालुर्रहमान ने हिफ्ज मुकम्मल करने वाले चारों विद्यार्थियों के सर पर दस्तार बांध कर सम्मानित किया।
कहा कि सीने में कुरान की दौलत आ जाने से अपने तर्जे जिंदगी को भी इसी के मुताबिक बदल लें। लोगों को बुराई से रोकना और भलाई के कामों की तरफ बुलाना अहले ईमान पर फर्ज है। उन्होंने कहा कि कुरान हमें सच बोलने, मजलूम की हिमायत करने और सब्र ओ शुक्र करने की तालीम देता है।
कहा कि सीधे और बुराई वाले रास्ते का फर्क समझाकर कुरान ने हमें भलाई वाले सीधे रास्ते की पहचान भी कराई। सीधा रास्ता वही है, जिस पर पैगंबर ने चलने की हिदायत दी थी।
हमें चाहिए कि पैगंबरों और असहाब के रास्ते को चुनें। इसी रास्ते पर चलने वालों की दीन और दुनिया संवर जाते हैं। मौलाना ने दुनिया में अमन कायम होने की सामूहिक दुआ मांगी। आयोजक मौलाना अताउल्लाह कासमी, मौलाना उसमान गनी व मुफ्ती नजीब कासमी आदि उपस्थित रहे।