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एक लाख किसानों को चेक का इंतजार

Thu, 30 Jul 2015 11:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई
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रवी की लहलहाती फसल पर पड़ी कुदरत की मार से किसान बर्बाद हो गया। तत्कालीन एसडीएम अविनाश कुमार ने स्वयं व लेखपालों से नुकसान का सर्वे कराकर डीएम को 45 करोड़ रुपये का मांग पत्र भेजा। इसके बाद शासन ने आपदा मद मेें कई किश्तों के रूप में 9 करोड़ रुपये तहसील में किसानोें को बांटने को भेजे।
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तहसील अफसरों ने छोटे किसानों को 1500 रुपये की बियरर चेक वितरण का कार्य शुरू करा दिया। अब तक तहसीलदार रामसुमेरन धर द्विवेदी 381 गांवों के सापेक्ष 276 गांवों में 51,200 किसानों को सहायता राशि वितरित करने का दावा कर रहे हैं। तहसील के आंकड़ोें के अनुसार, अभी 105 गांवों में एक लाख किसानों को चेक वितरण का कार्य किया जाना शेष है, जबकि हकीकत इसके विपरीत है।

तहसील के पड़ोसी गांव घोड़ीथर के सैकड़ों किसानों ने एसडीएम कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर सहायता की मांग की, पर गांव के किसानों की चेक आज तक नहीं बनी। इसी तरह चाऊंपुर, धनियामऊ, नगरिया, धरमपुर, सरेसर, नदुआपुर, नरौथा, खसौरा, श्रीमऊ, कुचिला, बम्हटापुर चिल्लौर, दयालपुर, घटवासा, परचौली, दहेलिया, ढकपुरा, बानामऊ, कटरी, छोछपुर, बारी शाहबु़द्दीनपुर आदि में चकबंदी प्रक्रिया चलने का कारण बताते हुए तहसील से चेक वितरण नहीं किया गया है।
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उधर, दैवी आपदा चेक बनवाने को लेकर जिस स्तर पर लापरवाही बरती जाती उसका नजारा श्रीमऊ गांव की सूची मेें देखने को मिला। इस गांव की सूची को चकबंदी विभाग के अफसरों द्वारा तैयार की गई थी, जिसकी जांच के बाद 107 मृतकों के नाम सूची मेें शामिल कर उन्हें धनराशि बांटने की संस्तुति कर सूची तहसील को भेजी गई थी।

राजस्व कर्मियोें से जांच कराने के बाद सूची निरस्त कर दी गई। उधर, दैवी आपदा की मिलने वाली चेकों पर कभी किसान का नाम पता गलत लिखने से दिक्कत आ रही, तो कभी बैंक के चक्कर काटने पड़ रहे। किसानों की मानें तो एक मात्र आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में खाता होने से उनकी 1500 रुपये की बियरर चेक दलाल के माध्यम से भुनानेे में मात्र 1200 रुपये मिल रहे है।

इसकी शिकायत करने के बाद भी कोई ध्यान नहीं दे रहा। उधर, दैवी आपदा की चेक बन जाने के बाद जब जनप्रतिनिधि नहीं आते तब किसानोें कोे चेक के लिए हफ्तोें भटकना पड़ता है। किसानों की शिकायत पर एसडीएम अशोक प्रताप सिंह ने तहसीलदार को लिखित आदेश दिया तो लेखपाल ने चेकें बांटी।

उसके बाद तहसीलदार दो बार जनप्रतिनिधि के साथ वितरण करने पहुंचे तो खानापूरी करते हुए 760 चेकों में आधी चेकें ही वितरित की जा सकी। कैथा की 254, चौड़ाराय की 282, भवानीपुर की 53, मुठौली की 71 चेकें तहसील में बन चुकी है, पर जनप्रतिनिधियों के इंतजार में चेक कब बंटेगी, पता नहीं।

इधर, भाजपा सांसद अंशुल वर्मा द्वारा गोद लिए गांव मुंडेर मेें 1068 किसानों को 23,28,563 की चेक का वितरण सूची बनने के बाद सांसद से कई बार कराने का अनुरोध किया गया, पर उन्होंने नहीं कराया, जिससे तहसील प्रशासन चेकें वितरित करवा रहा हैं।
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