धरने को संबोधित करते हुए तकनीकी सहायक अनुराग मिश्र ने कहा कि कार्मिकों ने मनरेगा कार्मिकों के हित में कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है। यह बात काफी गलत है। ग्राम रोजगार सेवकों ने कहा कि जहां उन लोगों से आजीविका मिशन का सर्वे मनरेगा योजना के तहत कराया जा रहा है।
वहीं रोजगार सेवकों की आजीविका कैसे चले इस बारे में प्रशासन के उच्चाधिकारियों को विचार करना चाहिए। हमारी मांगों पर विचार करना तो दूर आश्वासन भी नहीं दिया जा रहा है। इसको लेकर तीन फरवरी को लखनऊ में बैठक कर अग्रिम रणनीति बनाई जाएगी।
कंप्यूटर आपरेटर सदाकत खान ने कहा कि जहां श्रमिकों का भुगतान 58 से बढ़ाकर 161 रुपये हो गए है। जबकि नियुक्ति के समय मिलने वाले मानदेय पर ही कार्य करने को विवश होना पड़ रहा है। अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी सौरभ रस्तोगी ने कहा कि जिला प्रशासन अगर अंग्रेजों की राह चलेगा तो वह भी क्र ांतिकारियों की राह चलने को विवश होंगे। इस मौके पर तकनीकी सहायक महेश तिवारी, मनोज श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, इंद्रीवर तिवारी, ब्रजेश शर्मा, संतोष श्रीवास्तव, कुलदीप दीक्षित, मदनपाल, माता प्रसाद, सुरेंद्र भदौरिया आदि मौजूद रहे।