हरदोई। मेडिकल कॉलेज खुल जाने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी की उम्मीद लगाए लोगों को अव्यवस्थाएं झटका दे रही हैं।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला चिकित्सालय में ट्रिपल पी मॉडल पर सीटी स्कैन की व्यवस्था तो है, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण यहां सीटी स्कैन की फिल्म मरीजों और उनके तीमारदारों को नहीं मिल पा रही है। इसकी वजह से सीटी स्कैन मशीन के सॉफ्टवेयर में आई खामी है।
पीपीपी मॉडल पर जिला अस्पताल परिसर में सीटी स्कैन की व्यवस्था है। यहां औसतन हर रोज 100-150 मरीजों का सीटी स्कैन होता है। यहां सीटी स्कैन हो जाने से मरीजों को राहत मिलती है। बीती 12 मई से यहां सीटी स्कैन तो हो रहे हैं, लेकिन इनकी फिल्म मरीजों को नहीं मिल पा रही है। 11 मई की रात बिजली की आवाजाही के बीच मशीन के सॉफ्टवेयर में खराबी आ गई और तब से प्रिंटर ने काम करना बंद कर दिया।
प्रिंटर खराब होने की जानकारी यहां के टेक्नीशियन ने कंपनी के उच्चाधिकारियों के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों को भी दी। इसके बावजूद भी व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ। अब यहां आने वाले मरीजों के तीमारदार मोबाइल फोन से कंप्यूटर स्क्रीन पर नजर आने वाली फिल्म की तस्वीर खींचते और वीडियो बनाते नजर आते हैं। इसी आधार पर चिकित्सक भी दवाएं लिखते हैं।
टेक्नीशियन अंकित यादव बताते हैं कि बिजली की आवाजाही और वोल्टेज की समस्या के कारण सीटी स्कैन मशीन में दिक्कत आ रही है। पूरे मामले पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. आर्य देश दीपक ने बताया कि समस्या का निस्तारण कराए जाने की कोशिश चल रही है। उम्मीद है कि जल्द ही समस्या का निराकरण हो जाएगा।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में सीटी स्कैन को लेकर जो अव्यवस्था अब हुई है यह पिछले दो साल से एक्सरे विभाग में भी चल रही है। एक्सरे विभाग में एक्सरे मशीन खराब हो चुकी है। ऑपरेशन थिएटर में लगाई जाने वाली पोर्टेबल एक्सरे मशीन से काम चलाया जा रहा है। इसमें भी फिल्म नहीं निकलती है। मरीजों के तीमारदार एक्सरे की फोटो मोबाइल पर खींचकर ही डॉक्टर को दिखाते हैंं।